इंदौर में हुई ब्रिक्स मीटिंग में नीमा अली रहदारी बोले- ईरान को हटाना आसान नहीं, पहले कौन थकेगा अब जंग इस बात की

इंदौर में हुई ब्रिक्स मीटिंग में नीमा अली रहदारी बोले- ईरान को हटाना आसान नहीं, पहले कौन थकेगा अब जंग इस बात की

दुनिया संकट में है। वैश्विक शक्तियां व अन्य देश यह समझ गए हैं कि ईरान ऐसा खिलाड़ी नहीं है जिसे वे हटा सकें। इस टकराव में कौन पहले थकेगा, मुकाबला इस बा …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 21 May 2026 07:38:42 AM (IST)Updated Date: Thu, 21 May 2026 09:17:18 AM (IST)

इंदौर में हुई ब्रिक्स मीटिंग में नीमा अली रहदारी बोले- ईरान को हटाना आसान नहीं, पहले कौन थकेगा अब जंग इस बात की
ब्रिक्स समूह देशों की युवा उद्यमिता कार्य समूह की बैठक में शामिल हुए प्रतिनिधियों का समूह फोटो हुआ। इसमें केद्रीय राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद थे। इनसेट में ईरान के यूथ डिप्लोमेसी सेंटर के आर्थिक शाखा के सीनियर मेंबर नीमा अली रहदारी। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. इंदौर में आयोजित ब्रिक्स समूह की बैठक में भी उठा ईरान-अमेरिका युद्ध का मुद्दा
  2. वैश्विक शक्तियां व अन्य देश यह समझ गए हैं कि ईरान ऐसा खिलाड़ी नहीं है जिसे वे हटा सकें
  3. इस टकराव में कौन पहले थकेगा, मुकाबला इस बात का है

उदय प्रताप सिंह, नईदुनिया, इंदौर। ब्रिक्स की बैठक में मैं युद्ध व अशांति के इस मुद्दे को रखूंगा, भले इस पर चर्चा हो या न हो। हम भी नहीं चाहते कि जो युवा हमारे देश का भविष्य है, उन्हें भी युद्ध में खोए। दुनिया वर्तमान में संकट में है। वैश्विक शक्तियां व अन्य देश यह समझ गए हैं कि ईरान ऐसा खिलाड़ी नहीं है जिसे वे हटा सकें। इस टकराव में कौन पहले थकेगा, मुकाबला इस बात का है।

ये बातें नईदुनिया से विशेष चर्चा में ईरान के यूथ डिप्लोमेसी सेंटर के आर्थिक शाखा के सीनियर मेंबर नीमा अली रहदारी ने कही। वे इंदौर में ब्रिक्स समूह देशों की युवाओं व उद्यमिता पर आयोजित कार्य समूह बैठक (ईओजी) में शामिल होने के लिए आए हैं।

उन्होंने बताया कि अमेरिका द्वारा किए जाने वाले हमले और धमकियां सिर्फ एक ”शो” या ”वीडियो गेम” हैं, जिसका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। हर कोई युद्ध व विनाश के बीच समस्याओं को हल करने का रास्ता खोजना चाहता है। मुझे लगता है कि हम इसे संभाल लेंगे। इस युद्ध को कई महीनों तक जारी रखना हमारे लिए कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा नहीं होगा।

पिछले पांच माह में आपके देश में युद्ध के हालात से क्या बदलाव आया?

ईरान के बाहर का मीडिया लोगों को जो दिखा रहा है, सब कुछ उससे अलग है। दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध के अलावा मीडिया वार भी चल रहा है। अन्य देशों के टीवी शो आप देखेंगे तो आपको लगेगा ईरान बहुत खराब स्थिति में है और लोग परेशान हैं। हकीकत यह है कि वहां पर सामान्य जीवन चल रहा है। अगर आप मेरे साथ ईरान की सड़कों पर चलें, तो आपको नहीं लगेगा कि इस शहर में कई महीनों से युद्ध चल रहा था। वैश्विक स्तर पर ईरान में युद्ध के हालात जो बताए जा रहे हैं वो असली तस्वीर नहीं है।

आपके देश में नेतृत्व परिवर्तन का क्या प्रभाव अब दिख रहा है?

लोग व व्यक्ति महत्वपूर्ण होते हैं लेकिन ईरान एक मजबूत सिस्टम काम कर रहा है जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह सोचना कि कुछ जनरलों को मारने से सब कुछ बदल जाएगा, यह सिर्फ बेवकूफी है।

होर्मुज का क्या समाधान होगा?

ईरान ने सबसे पहले कभी किसी पर पहले हमला नहीं किया। हालांकि, क्षेत्र के जिन देशों ने ईरान के लिए मुश्किलें और आर्थिक नुकसान खड़े किए हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। सुरक्षा व्यवस्था तभी बहाल होगी जब सभी देश एक-दूसरे का सम्मान करेंगे। यह मामला इस बात पर निर्भर नहीं करता कि अमेरिका क्या चाहता है, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सही कदम क्या हैं।

इंदौर में ब्रिक्स मीटिंग शुरू: ब्राज़ील चीन इथोपिया इंडोनेशिया ईरान,रूस और तो और साउथ अफ़्रीका के प्रतिनिधि हुए शामिल

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