व्यवहार और कार्यों की बदौलत व्यक्ति बनता है बेहतरीन लीडर, आईआईएम इंदौर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत

व्यवहार और कार्यों की बदौलत व्यक्ति बनता है बेहतरीन लीडर, आईआईएम इंदौर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत

मुख्य अतिथि आर्मी वॉर कालेज महू के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी में एक बेहतरीन लीडर की पहचान उसके व्…और पढ़ें

Publish Date: Tue, 30 Jun 2026 11:42:23 AM (IST)Updated Date: Tue, 30 Jun 2026 11:42:23 AM (IST)

व्यवहार और कार्यों की बदौलत व्यक्ति बनता है बेहतरीन लीडर, आईआईएम इंदौर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत
नए सत्र में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. आईआईएम इंदौर के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल चांदपुरिया ने रखे विचार
  2. विद्यार्थियों को ईमानदारी, आत्मविश्वास, सहानुभूति और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की सलाह दी
  3. उन्होंने कहा कि युवा देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर (आईआईएम इंदौर) में सोमवार को नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 की शुरुआत हुई। जहां विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम रखा गया है। सत्र में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (पीजीपी), पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (पीजीपी एचआरएम), इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आइपीएम-4) और डआक्टोरल प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (डीपीएम) में 634 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।

मुख्य अतिथि आर्मी वॉर कालेज महू के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी में एक बेहतरीन लीडर की पहचान उसके व्यवहार और कार्यों से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी, आत्मविश्वास, सहानुभूति और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम में नए बैच के छात्र-छात्राओं को संस्थान के बारे अवगत कराया गया। निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि संस्थान में आने का उद्देश्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं है।बल्कि खुद को बेहतर बनाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को लगातार सीखते रहने, विनम्र बने रहने और बदलती दुनिया के अनुसार खुद को ढालने की सलाह दी।

उन्होंने जिम्मेदार नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक संवेदनशीलता को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट आफ एकेडमिक एक्सीलेंस और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले रूरल एंगेजमेंट प्रोग्राम (आरईपी) के उत्कृष्ट छात्र समूहों को भी सम्मानित किया गया। वहीं कैंपस जीवन से परिचित कराने के लिए वार्षिक फुटबॉल प्रतियोगिता ‘द्रोणोत्सव’ का आयोजन भी किया गया।

54 फीसद महिलाएं

पीजीपी की 2026–28 बैच में 54.4 प्रतिशत महिला विद्यार्थी हैं। 54 प्रतिशत विद्यार्थी गैर-इंजीनियरिंग और 46 प्रतिशत इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आए हैं। इंजीनियरिंग, प्रबंधन, वाणिज्य, कंप्यूटर विज्ञान, अर्थशास्त्र सहित कई अलग-अलग क्षेत्रों के विद्यार्थी शामिल है। करीब 43 प्रतिशत विद्यार्थियों के पास पहले से काम का अनुभव है, जिससे कक्षा में वास्तविक उद्योग अनुभव भी जुड़ेगा। जबकि पीजीपी एचआरएम बैंच में महिला विद्यार्थियों की भागीदारी 95.35 प्रतिशत है। इस बैच के 88 प्रतिशत विद्यार्थी गैर-इंजीनियरिंग क्षेत्र से हैं। कई विद्यार्थी प्रबंधन, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, विज्ञान, मनोविज्ञान और अन्य विषयों की पृष्ठभूमि से आए हैं। लगभग 72 प्रतिशत विद्यार्थियों के पास कार्य अनुभव है।

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