इंदौर के विजय नगर क्षेत्र के सुमन नगर में 23 जून 2026 को हुए गैस पाइप लाइन ब्लास्ट मामले में निगम की एक और लापरवाही सामने आई है।

HighLights
- इंदौर गैस ब्लास्ट मामले में नगर निगम पर भड़का हाई कोर्ट
- कहा- क्या बोरिंग मशीन बिना बुलाए अपने आप पहुंच गई?
- जनहित याचिका पर अब जुलाई के पहले सप्ताह में सुनवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। विजय नगर क्षेत्र के सुमन नगर में 23 जून 2026 को हुए गैस पाइप लाइन ब्लास्ट मामले में निगम की एक और लापरवाही सामने आई है। रिचार्ज शाफ्ट के नाम पर किए जा रहे बोरिंग से गैस पाइप लाइन फूटी, ब्लास्ट हुआ, पांच लोग झुलसे भी, लेकिन मामले को लेकर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में निगम का कहना है कि हादसे में निगम से जुड़े किसी व्यक्ति की लापरवाही नहीं है। बोरिंग मशीन मालिक और ड्राइवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी
इस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि यह कैसे संभव है। बोरिंग मशीन किसी ने तो मौके पर बुलवाई होगी। क्या यह संभव है कि बोरिंग मशीन अपने आप घटना स्थल पर पहुंच जाए। याचिका की सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि हादसे के घायलों से निजी अस्पताल द्वारा राशि वसूली जा रही है। इस पर कोर्ट ने आदेश दिया कि उपचार का खर्च शासन वहन करेगा। घायलों से अगर कोई राशि ली गई है तो वह उन्हें लौटाई जाए। मामले में अब जुलाई के पहले सप्ताह में फिर सुनवाई होगी।
नगर निगम ने पेश की स्टेटस रिपोर्ट
सुमन नगर में हादसे को लेकर एडवोकेट रितेश ईनाणी ने हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। 25 जून 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हादसे में झुलसे लोगों का निशुल्क उपचार करने और गंभीर रूप से झुलसी युवती को उपचार के लिए अहमदाबाद भेजने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने नगर निगम से कहा था कि वह मामले में की जा रही जांच के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करे।
एडवोकेट ईनाणी ने बताया कि मंगलवार को निगम ने स्टेटस रिपोर्ट पेश कर दी। निगम की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जांच पूरी हो गई है। बोरिंग मशीन के मालिक और ड्राइवर के खिलाफ कायमी भी की जा चुकी है। इस पर एडवोकेट ईनाणी ने आपत्ति ली और कहा कि निगम के किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कोर्ट ने भी उनका समर्थन किया और कहा कि यह कैसे संभव है कि बगैर किसी के बुलाए बोरिंग मशीन अपने आप मौके पर पहुंचे और बोरिंग करने लगे।
घायलों से वसूली पर कोर्ट सख्त
निजी अस्पताल बगैर उपचार न लौटाए एडवोकेट ईनाणी ने बताया कि सुनवाई के दौरान हादसे में झुलसे लोगों के स्वजन कोर्ट पहुंचे। उन्होंने जानकारी दी कि निजी अस्पताल अब भी उपचार के पैसे ले रहे हैं। आशंका इस बात की भी है कि झुलसे लोगों को बगैर पूरा उपचार दिए, डिस्चार्ज किया जा सकता है।
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इस पर कोर्ट ने आदेश दिया कि शासन हादसे में झुलसे लोगों का निशुल्क उपचार सुनिश्चित करे और पूर्व में अगर किसी घायल से पैसा लिया गया है तो लौटाया जाए।
झुलसी युवती को किया गया अहमदाबाद एयरलिफ्ट
युवती को एयरलिफ्ट करा दिया है, उपचार भी चल रहा है याचिका की सुनवाई के दौरान शासन ने कोर्ट को बताया कि हादसे में झुलसी युवती जीनी झाला को एयरलिफ्ट कर उपचार के लिए अहमदाबाद भेज दिया है। वहां उसका उपचार जारी है।
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