मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भागीरथपुरा में मानव मल-मूत्र से दूषित पानी पीने के कारण 36 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, तब…और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भागीरथपुरा में मानव मल-मूत्र से दूषित पानी पीने के कारण 36 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, तब भी मैंने कहा था कि कैलाश विजयवर्गीय भाजपा सरकार में ‘हाथ कटे ठाकुर’ बनकर रह गए हैं। न निर्णय का अधिकार है, न सम्मान, न सुनवाई। ऐसी स्थिति में मंत्री पद पर बने रहने का औचित्य क्या है?
भाजपा के अनुशासन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तंज
उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पर भी तंज कसते हुए कहा कि भाजपा अनुशासन की बड़ी-बड़ी बातें करती है। अब जब भाजपा के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ‘असहयोग, उपेक्षा और विरोध’ की पीड़ा बता रहे हैं, तो बताइए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पार्टी कब तलब करेगी? या अनुशासन सिर्फ विपक्ष के लिए ही है?
उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय अकेले नहीं हैं। प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विश्वास सारंग, भूपेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। भाजपा सरकार में मंत्री सिर्फ नाम के रह गए हैं, फैसले कहीं और हो रहे हैं।
कैलाश विजयवर्गीय को नसीहत और पितृ पर्वत का जिक्र
सज्जन सिंह वर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय को सलाह देते हुए कहा कि उनकी सक्रिय राजनीति का अंतिम दौर चल रहा है। अब उन्हें स्वाभिमान के साथ मंत्री पद से इस्तीफा देकर सार्वजनिक जीवन से सम्मानपूर्वक विदा ले लेनी चाहिए और पितृ पर्वत पर प्रभु आराधना में समय देना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि भाजपा उन्हें ‘मार्गदर्शक मंडल’ में भेजकर सार्वजनिक रूप से और बड़ा अपमान कर दे। हां, बस एक बात का ध्यान रखिएगा… पितृ पर्वत पर भी चंदे की सुरक्षा पुख्ता रहे, कहीं वहाँ भी चंदा चोरी की खबर न आ जाए।
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