कोर्ट को बताया गया कि उनके खिलाफ प्राप्त आवेदन में वहां मौजूद अन्य पार्षदों ने स्वयं उनके मौजूद रहने की बात कही है। इसके साथ ही मौके की पूरी जानकारी ल…और पढ़ें

HighLights
- कोर्ट के समक्ष सोशल मीडिया पर भेजे गए नोटिस की प्रति भी उन्हें बताई गई।
- कोर्ट ने वकीलों से नोटिस के बारे में पूछा तो उन्होंने इसके बाद इसे स्वीकार किया।
- इस मामले में सुनवाई के बाद उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दिया।
इंदौर। वंदे मातरम का अपमान करने के मामले में पार्षद और नगर निगम की पूर्व नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख अलीम को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। जस्टिस गजेंद्रसिंह की कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद में अलीम ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी।
शासकीय अधिवक्ता हेमंत शर्मा ने बताया कि, अलीम की ओर से दायर याचिका में खुद को बेकसूर बताया था। साथ ही उन्होंने खुद को लॉ स्टूडेंट बताया है। उनका कहना है कि उनकी परीक्षा पास में हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है तो उनकी पढ़ाई का नुकसान होगा।
इस याचिका की सुनवाई के दौरान अलीम की ओर से पेश हुए वकीलों ने कोर्ट में दलील दी थी कि घटना में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है। उन पर गलत आरोप लगाया जा रहा है, उन्होंने राष्ट्रगीत का अपमान नहीं किया है। वे तो देरी से पहुंची थी। जिसका विरोध किया गया।
कोर्ट को बताया गया कि उनके खिलाफ प्राप्त आवेदन में वहां मौजूद अन्य पार्षदों ने स्वयं उनके मौजूद रहने की बात कही है। इसके साथ ही मौके की पूरी जानकारी लेने के बाद ही केस दर्ज किया गया है।
साथ ही कोर्ट को बताया गया कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। उनको पुलिस ने उपस्थिति के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन वो पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुई हैं।
कोर्ट के समक्ष सोशल मीडिया पर भेजे गए नोटिस की प्रति भी उन्हें बताई गई। जिस पर कोर्ट ने अलीम के वकीलों से नोटिस के बारे में पूछा तो उन्होंने इसके बाद इसे स्वीकार किया। वहीं कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के बाद उनकी अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया।
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