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इंदौर में मानसून ने जुलाई महीने के पहले ही दिन अपनी जबरदस्त आमद दर्ज कराई है। दिनभर की तेज धूप और भीषण उमस के बाद शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। शाम करीब छह बजे आसमान में काले बादलों की गड़गड़ाहट शुरू हुई और देखते ही देखते मूसलधार बरसात होने लगी। महज तीन घंटे की इस तेज बारिश में शहर में लगभग ढाई इंच पानी बरस गया।
मौसम विभाग के अनुसार यह इस सीजन और जुलाई महीने के पहले ही दिन की सबसे जोरदार बारिश दर्ज की गई है। इस नई बारिश को मिलाकर अब तक सीजन की कुल वर्षा सात इंच तक पहुंच चुकी है। देर रात तक भी शहर के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं और गुरुवार सुबह से भी आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आज भी शहर में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है।
बुधवार शाम को हुई इस तेज बारिश का व्यापक असर शहर के लगभग हर हिस्से में देखने को मिला। पूर्वी रिंग रोड पर स्थित रोबोट चौराहे से लेकर पश्चिमी क्षेत्र के फूटी कोठी चौराहे तक अधिकांश प्रमुख मार्गों और चौराहों पर घुटनों तक पानी भर गया। इस जलभराव के कारण वाहन चालकों को घंटों तक पानी से भरी सड़कों के बीच रास्ता खोजने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा।
इन इलाकों में ज्यादा परेशानी
जलभराव की मार सबसे ज्यादा रिहायशी इलाकों पर पड़ी। पश्चिमी क्षेत्र के सुदामा नगर, द्वारकापुरी, प्रजापत नगर, साईं बाबा नगर, ऋषि पैलेस, अहीरखेड़ी और स्कीम नंबर इकहत्तर सहित कई निचली बस्तियों और कॉलोनियों में पानी लोगों के घरों के भीतर तक प्रवेश कर गया। द्वारकापुरी क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था ठप होने से रहवासियों को गंदे पानी के घरों में घुसने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जगह-जगह सड़कें जलमग्न होने से दोपहिया वाहन और ऑटो चालक सड़क के गड्ढों में फंसकर परेशान होते रहे।
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लोग होते रहे परेशान।
– फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
प्रमुख मार्गों पर लगा लंबा जाम और चरमराई व्यवस्था
बारिश के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई। एबी रोड, रसोमा चौराहा, रेडिसन चौराहा, रोबोट चौराहा, बॉम्बे हॉस्पिटल, देवास नाका, निरंजनपुर और निपानिया जैसे सबसे व्यस्त मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भारी जाम की स्थिति बन गई। सड़कों पर वाहन घंटों तक रेंगते रहे जिसके कारण नौकरीपेशा और आम लोगों को अपने घर पहुंचने में सामान्य से कहीं ज्यादा समय लगा।
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सड़क पर कई जगह अंधेरे से भी परेशानी आई।
– फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
बीआरटीएस कॉरिडोर हटाए जाने के बाद भी विजय नगर से एलआईजी चौराहे तक कई स्थानों पर भारी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। विजय नगर और रसोमा चौराहा तो पूरी तरह किसी तालाब की तरह नजर आ रहे थे, जहां से वाहन चालक जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकलते दिखाई दिए। एमआर ग्यारह कॉरिडोर पर निपानिया, लसूड़िया मोरी, तलावली चांदा और उसके आसपास की बड़ी टाउनशिपों में भी जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
कई स्थानों पर अत्यधिक पानी भरने से रास्ते बंद करने पड़े और रात के समय स्ट्रीट लाइट बंद होने या न होने के कारण लोगों की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ गईं। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक अरब सागर में बने एक सक्रिय वेदर सिस्टम का प्रभाव मुंबई से लेकर इंदौर तक देखा जा रहा है। इसी मौसमी सिस्टम की वजह से इस सीजन में पहली बार पूरे इंदौर शहर में एक साथ इतनी व्यापक और तेज वर्षा दर्ज की गई है।