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इंदौर में जुलाई में चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। हालांकि शनिवार को सिर्फ 9 मिमी बारिश हुई है लेकिन मौसम बारिश जैसा बना हुआ है। अब तक 12 इंच बारिश हो चुकी है। आज सुबह से बादल छाए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के आसार जताए हैं। खास बात यह कि चार दिनों से बारिश होने के बावजूद अभी उमस बनी हुई है। मौसम ऐसा है कि बारिश होने के दौरान ठंडक जरूर महसूस होती है लेकिन फिर उमस होने लगती है। इसके पूर्व शुक्रवार रात को बारिश हुई थी। फिर शनिवार को रुक-रुककर कहीं हल्की तो कहीं रिमझिम होती रही। फिर दोपहर बाद बादल छाए रहे और बारिश नहीं हुई। इस दौरान दिन का तापमान 4 डिग्री लुढ़ककर 26.2 (-7) डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह सामान्य से 7 डिग्री कम है। रात का तापमान दो दिनों से 22 डिग्री पर होकर सामान्य से 1 डिग्री कम है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी, डेंगू-मलेरिया से बचें इधर मानसून के सक्रिय होते ही जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी कर सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, पैचिश, हैजा, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं, जिनका सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। दूषित पानी से फैल सकती हैं गंभीर बीमारियां स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्षा और बाढ़ के बाद जल स्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे जलजनित रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। नागरिकों से केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीने, ताजा भोजन करने तथा भोजन बनाने में साफ पानी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने पर विशेष जोर दिया गया है। लक्षणों को हल्के में न लें बारिश के मौसम में दस्त और उल्टी की शिकायतें तेजी से बढ़ती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बच्चों में दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी होने से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में ओआरएस घोल और जिंक की गोलियों का उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुसार करने की सलाह दी गई है। विभाग ने सड़े-गले फल, खुले खाद्य पदार्थ और अस्वच्छ भोजन से बचने की भी अपील की है। डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए जलभराव रोकना जरूरी स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि घरों और आसपास जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का सबसे बड़ा कारण है। कूलर, फुलदान, फ्रिज ट्रे, पुराने टायर, गड्ढे और टूटे बर्तनों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ करना चाहिए। नागरिकों को मच्छरदानी के उपयोग, कीटनाशक छिड़काव और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बुखार आने पर तत्काल जांच कराकर उपचार शुरू करने की भी अपील की गई है।
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