
उज्जैन के शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज की प्रोफेसर मनीषा शर्मा के खिलाफ सरकार ने युगलपीठ में अपील की थी। शर्मा का चयन पीएससी के जरिए 8 जून 2009 को अंग्रेजी विषय के लेक्चरर पद पर हुआ था। उनकी सेवाएं 17 जुलाई 2012 से नियमित कर दी गईं। शर्मा ने 11 अक्टूबर 2007 को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए नामांकन किया था, जो उनकी सरकारी सेवा में नियुक्ति (2009) से पहले की है।
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