
अधिकांश लोग मानते हैं कि इंदौर की स्थापना होलकरों ने की, लेकिन वास्तविकता यह है कि होलकरों के आने से पहले यह कांपेल परगना का एक व्यापारिक गांव था। स्थानीय जमींदार राव नंदलाल चौधरी ने इसके शुरुआती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाद में होलकरों ने इसे अपनी राजधानी बनाया। �
source: Indore District Official Website
बहुत कम लोग जानते हैं कि इंदौर का पुराना नाम इंदुर (Indur) या इंद्रपुर माना जाता है। इसका संबंध प्राचीन इंद्रेश्वर महादेव मंदिर से जोड़ा जाता है। बाद में ब्रिटिश शासन के दौरान इसका उच्चारण बदलकर “Indore” हो गया। �
source: Indore on Net +1
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