राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: चंपत राय से ‘देवी अहिल्या पुरस्कार’ वापस लेने की उठी मांग, कांग्रेस हमलावर

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: चंपत राय से ‘देवी अहिल्या पुरस्कार’ वापस लेने की उठी मांग, कांग्रेस हमलावर

लगभग डेढ़ साल पहले 13 जनवरी 2025 को इंदौर की श्री अहिल्योत्सव समिति द्वारा चंपत राय को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया था, जिसे खुद संघ प्रमुख डॉ. मोहन …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 03:40:14 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 03:40:14 PM (IST)

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: चंपत राय से ‘देवी अहिल्या पुरस्कार’ वापस लेने की उठी मांग, कांग्रेस हमलावर
चंपत राय से ‘देवी अहिल्या पुरस्कार’ वापस लेने की उठी मांग

HighLights

  1. चंपत राय से ‘देवी अहिल्या पुरस्कार’ वापस लेने की मांग से गरमाई राजनीति
  2. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के लगे हैं आरोप
  3. कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने सुमित्रा महाजन को पत्र लिखकर उठाया मुद्दा

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी और गबन के आरोपों की गूंज अब मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में बेहद तेज हो गई है। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी द्वारा भाजपा-आरएसएस को घेरने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पत्र लिखकर मांग की है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय को दिया गया ‘देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार’ तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।

सम्मान पर संकट: क्यों घिरे चंपत राय?

दरअसल, लगभग डेढ़ साल पहले 13 जनवरी 2025 को इंदौर की श्री अहिल्योत्सव समिति द्वारा चंपत राय को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया था, जिसे खुद संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने प्रदान किया था। तब सुमित्रा महाजन ने चंपत राय को मंदिर निर्माण और कारसेवकों का प्रतिनिधि बताया था।

अब पासा पलट चुका है। केके मिश्रा का आरोप है कि चंपत राय पर वित्तीय अनियमितताओं, चंदे और जमीन खरीदी-बिक्री में घोटाले के प्रामाणिक आरोप लगे हैं, जिसके चलते उन्हें ट्रस्ट की जिम्मेदारियों से भी मुक्त किया जा चुका है। मिश्रा ने कहा, “यह आग्रह किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकमाता अहिल्याबाई के नाम से जुड़े सम्मान की मर्यादा बनाए रखने के लिए है। समिति की बैठक बुलाकर इस पर तुरंत पुनर्विचार हो।”

naidunia_image

कैलाश विजयवर्गीय ने बताया फिजूल, सुमित्रा महाजन को पत्र का इंतजार

इस पूरे सियासी घमासान पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे पूरी तरह ‘फिजूल की बात’ बताते हुए कोई भी प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि उन्हें अभी तक केके मिश्रा का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, पत्र मिलने और उसे पढ़ने के बाद ही वे इस पर कोई टिप्पणी करेंगी।

पुरस्कार समारोह में क्या बोले थे संघ प्रमुख?

पिछले वर्ष जब चंपत राय को यह अवॉर्ड मिला था, तब संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर आंदोलन का बचाव करते हुए कहा था कि भारत की आजीविका का रास्ता भी श्रीराम मंदिर से होकर जाता है। वहीं चंपत राय ने इस सम्मान को राम जन्मभूमि के लिए लड़ी गईं 75 लड़ाइयों और कारसेवकों को समर्पित किया था। लेकिन अब गबन के आरोपों ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नए विवाद में बदल दिया है।

यह भी पढ़ें- MP Board 5th, 8th Re-Exam Result: 5वीं और 8वीं की पुन: परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे डाउनलोड करें अपना स्कोरकार्ड

Source link
#रम #मदर #चद #चर #ववद #चपत #रय #स #दव #अहलय #परसकर #वपस #लन #क #उठ #मग #कगरस #हमलवर

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *