राऊ के जर्जर आयुर्वेद अस्पताल में टपक रहा पानी, बदहाली में उपचार करवाने को मजबूर मरीज

राऊ के जर्जर आयुर्वेद अस्पताल में टपक रहा पानी, बदहाली में उपचार करवाने को मजबूर मरीज

शासकीय स्वशासी आष्टांग आयुर्वेद कॉलेज द्वारा राऊ में संचालित 75 साल पुराना आयुर्वेदिक अस्पताल वर्तमान में काफी बदहाली में है। अस्पताल की इमारत की दीवा…और पढ़ें

Publish Date: Wed, 08 Jul 2026 10:51:58 AM (IST)Updated Date: Wed, 08 Jul 2026 10:51:58 AM (IST)

राऊ के जर्जर आयुर्वेद अस्पताल में टपक रहा पानी, बदहाली में उपचार करवाने को मजबूर मरीज
आयुर्वेद अस्पताल के बाहर इस तरह अवैध रुप से फल सब्जी की दुकानें संचालित होती हैं। इससे मरीजों व चिकित्सकों को अस्पताल में आने में परेशानी होती है। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. शासकीय स्वशासी आष्टांग आयुर्वेद कॉलेज द्वारा राऊ में संचालित 75 साल पुराना आयुर्वेदिक अस्पताल वर्तमान में बदहाली में है
  2. अस्पताल की इमारत की दीवारों व छतों से प्लास्टर उखड़ रहा है, वहीं छत से पानी भी टपक रहा है
  3. वर्षा काल अस्पताल की ओपीडी कक्ष, मरीज के वेटिंग हाल व पैथोलॉजी लैब में भी पानी टपक रहा है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शासकीय स्वशासी आष्टांग आयुर्वेद कॉलेज द्वारा राऊ में संचालित 75 साल पुराना आयुर्वेदिक अस्पताल वर्तमान में काफी बदहाली में है। अस्पताल की इमारत की दीवारों व छतों से प्लास्टर उखड़ रहा है। वहीं छत से पानी भी टपक रहा है।

वर्षा काल अस्पताल की ओपीडी कक्ष, मरीज के वेटिंग हाल व पैथोलॉजी लैब में भी पानी टपक रहा है। हालात यह है कि इसी स्थिति मरीज उपचार के लिए इस अस्पताल में आने को मजबूर है। अस्पताल की इमारत 75 साल पुरानी है। अस्पताल की नई इमारत बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी की पीआइयू यूनिट को प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन अभी तक इसका काम शुरू नहीं हो सका है।

गौरतलब है कि पूर्व में यह अस्पताल राऊ के नागरिकों के जन सहयोग की राशि से तैयार हुआ था। वर्तमान में 30 बेड के इस अस्पताल में दो विशेषज्ञ आयुर्वेद विशेषज्ञ व चार महिला चिकित्सक व पांच पुरुष चिकित्सक है। इस अस्पताल में महिलाओं की प्रसूति होती है। इसके अन्य बीमारियों का इलाज आयुर्वेद चिकित्सा के माध्यम से किया जाता है।

यहां पर पंचकर्म के माध्यम से भी इलाज किया जाता है। इस अस्पताल में प्रसूति के लिए महिला चिकित्सक तो है लेकिन अनुभवी स्टाफ नर्स नहीं है। पूर्व में दो नर्स के रिटायर होने के बाद यहां पर नई नर्स की नियुक्ति नहीं है। ऐसे में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के भरोसे ही मरीजों का उपचार होता है। कई बार प्रसूताओं की जटिल स्थिति होने पर उन्हें एमवाय अस्पताल या पीसी सेठी अस्पताल में रैफर किया जाता है।

नई इमारत के निर्माण के लिए पीआईयू बना रहा है योजना

अस्पताल की इमारत काफी पुरानी हो चुकी है। इस वजह से कुछ कमरों में वर्षा के दौरान छत का पानी और सीपेज की समस्यां है। जनप्रतिनिधियों व आष्टांग आयुर्वेद कालेज के प्राचार्य के माध्यम से समय-समय पर हमने इसकी जानकारी दी। अस्पताल की नई इमारत बनाने की योजना पीआइयू बना रहा है लेकिन अभी इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। नई इमारत कब बनेगी यह अभी तय नहीं है। -डॉ. जगदीश पंचोली, अधीक्षक, शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय राऊ

विभाग को भेजा गया है प्रस्ताव

पीआईयू द्वारा अस्पताल का नया भवन बनाने के लिए 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव आयुर्वेद विभाग को तीन माह पहले भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही एजेंसी तय कर इमारत का निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा। -अजीत पाल सिंह चौहान, प्राचार्य, शा. स्वशासी आष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय

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