जब्त मोबाइल में पुलिस को एक भी वीडियो नहीं मिला है। इसके बाद श्वेता जैन के बेटे को भी हिरासत में ले लिया गया है। …और पढ़ें

HighLights
- जब्त मोबाइल में पुलिस को एक भी वीडियो नहीं मिला है
- पुलिस सभी से अलग-अलग जगहों पर पूछताछ कर रही है
- आरोपियों ने पहले ही वीडियो डिलिट कर डाले थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शराब ठेकेदार हितेंद्रसिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने वाले गैंग से पुलिस ने कार जब्त कर ली है। आरोपितों के छह मोबाइल भी जब्ती में लिए है। जब्त मोबाइल में पुलिस को एक भी वीडियो नहीं मिला है। इसके बाद श्वेता जैन के बेटे को भी हिरासत में ले लिया गया है।
बाणेश्वरी कुंड (बाणगंगा) निवासी चिंटू ने आरोपित अलका दीक्षित,जयदीप दीक्षित, श्वेता जैन, रेशू चौधरी और लाखन पर एक करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया था। पुलिस सभी से अलग अलग जगहों पर पूछताछ कर रही है। आरोपितों को क्राइम ब्रांच, सीपी आफिस और कनाड़िया थाना में रखा जाता है।
पुलिस ने शुक्रवार को लाखन की कार भी जब्त कर ली। छह मोबाइल जब्त हो चुके है। आरोपितों ने पहले ही वीडियो डिलिट कर डाले थे। इसके बाद पुलिस ने श्वेता जैन के बेटे को भी भोपाल से हिरासत में ले लिया। श्वेता फोन को तोड़ कर फैंकना बता रही है। पुलिस को शक है फोन में पुराने वीडियो भी हो सकते हैं।
इंटेलिजेंस के प्रधान आरक्षक के मोबाइल में मिले सबूत
पुलिस को प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा के मोबाइल में अहम सबूत मिलें है। विनोद शराब तस्कर अलका दीक्षित का करीबी है। उसको ब्लैकमेलिंग की जानकारी थी। उसका काम अलका को पुलिस से बचने की सलाह देना था। उसने कहा था कि डीलिंग के वक्त मोबाइल साथ न रखें। मोबाइल ले जाने पर लोकेशन मिल सकती है। उसके पास अलका द्वारा भेजे वीडियो भी थे।
प्रोपर्टी और बैंक खातों की जांच करेगी एसआईटी
विशेष जांच दल (एसआइटी) ने अलका, श्वेता, रेशू और लाखन की संपत्ति की भी जांच शुरू कर दी है। आरोपितों के बैंक खातों को भी जांचा जा रहा है। श्वेता 2019 के चर्चित हनीट्रैप केस में आरोपित है। पुलिस को शक है उस वक्त बने वीडियो का भी उपयोग कर रही थी। पूर्व में फंसे अफसर और नेताओं के जरिए पुन: गैंग को स्थापित करने में लगी हुई थी।
प्रापर्टी ब्रोकर के माध्यम से जमीनों के धंधे में उतरी अलका
पुलिस ने अलका से पूछताछ की तो बताया वह शुरुआत में शराब तस्करी करती थी। द्वारकापुरी और अन्नपूर्णा में उसके विरुद्ध 17 अपराध पंजीबद्ध है। कईं पुलिसवालों से सीधा संपर्क है। उसने रुपये कमाने के लिए विवादित प्रोपर्टी का धंधा शुरु कर दिया था। गोपुर चौराहा पर धर्मेंद्र कछालिया के माध्यम से प्रोपर्टी का सौदा किया था। लाखन उससे जुड़ा तो आगे बढ़ गई। श्वेता को बताया तो रेशू को जोड़ लिया और हाईप्रोफाइल लोगों को ब्लैकमेल करना शुरु कर दिया।
इंदौर के हनीट्रैप केस की जांच करेगी एसआईटी, इंटेलिजेंस का प्रधान आरक्षक भी गिरफ्तार
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