मध्य प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी शुक्रवार को इंदौर में थे। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं। राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई, गहने, बचत और श्रद्धा समर्पित की थी। भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उनके सहयोगी संगठनों ने दशकों तक भगवान राम के नाम पर जनभावनाओं का राजनीतिक उपयोग किया और उसी आंदोलन के आधार पर सत्ता प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला है। इसलिए इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और सर्वोच्च स्तर पर जांच होना आवश्यक है। चौधरी ने यह भी कहा कि उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय सिंह पैदल यात्रा कर रहे हैं। यह उनकी निजी यात्रा है। कांग्रेस पार्टी का उससे कोई लेना-देना नहीं है।
एक सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है। भ्रष्टाचार और संगठित आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगातार बढ़ रहे हैं। महिलाओं के विरुद्ध अपराध, नशा तस्करी, माफियाओं की सक्रियता तथा प्रशासनिक अव्यवस्था ने प्रदेश की छवि को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उज्जैन भूमि मामले में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले भी मांग कर चुकी है कि जिन मामलों में मुख्यमंत्री से जुड़े लोगों द्वारा भूमि क्रय, भूमि उपयोग परिवर्तन और सरकारी निर्णयों से निजी लाभ मिलने के आरोप लगाए गए हैं, उनकी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
कांग्रेस का आरोप है कि यदि किसी सरकारी निर्णय से मुख्यमंत्री अथवा उनके निकट संबंधियों एवं सहयोगियों को प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ पहुंचा है, तो यह गंभीर नैतिक एवं प्रशासनिक प्रश्न है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
हरीश चौधरी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों पर कांग्रेस किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं मानती। यदि किसी के विरुद्ध कोई तथ्यात्मक शिकायत है, तो उसकी निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जांच होनी चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष की छवि धूमिल करने का प्रयास न करे।
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