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पन्ना जिले में गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 23 मई होने के बावजूद 11,025 किसान अपनी उपज बेचने से वंचित हैं। 4 मई से उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग बंद होने के कारण जिले के अन्नदाताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पंजीकरण कराने वाले 30,518 किसानों में से अब तक केवल 14,720 किसानों की ही फसल तौली जा सकी है। पंजीकृत किसानों में से आधे भी नहीं बेच पाए उपज सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले के 44 केंद्रों पर कुल 30,518 किसानों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से केवल 19,493 किसान ही स्लॉट बुक कर पाए। तकनीकी खामियों और सर्वर डाउन होने की वजह से 4,773 किसानों के स्लॉट या तो निरस्त हो गए या उनकी तुलाई नहीं हो पाई। वर्तमान में 11 हजार से अधिक किसान पोर्टल खुलने के इंतजार में हैं। प्रतिदिन 250 क्विंटल की क्षमता से बढ़ी पेंडेंसी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी कल्लू पटेल ने बताया कि प्रत्येक केंद्र की प्रतिदिन की क्षमता केवल 250 क्विंटल निर्धारित है। इस सीमित क्षमता के कारण पोर्टल पर ‘कैपेसिटी फुल’ का संदेश आ रहा है। जब तक शासन स्तर से इस डेली लिमिट को नहीं बढ़ाया जाता, तब तक नए स्लॉट बुक करना संभव नहीं है। विभाग ने इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को रिपोर्ट भेजी है। मंडी में कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर स्लॉट बुकिंग न होने से परेशान किसान अब निजी व्यापारियों को कम दाम पर गेहूं बेचने को मजबूर हैं। किसानों का आरोप है कि सरकारी सिस्टम की सुस्ती का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं। खुले बाजार में समर्थन मूल्य से कम दाम मिलने और परिवहन का अतिरिक्त खर्च बढ़ने से किसानों को दोहरा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खरीदी की तिथि बढ़ाने और सीमा हटाने की मांग किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि केंद्रों पर प्रतिदिन तौल की 250 क्विंटल की सीमा को तुरंत हटाया जाए। यदि समय रहते पोर्टल चालू नहीं हुआ और क्षमता नहीं बढ़ाई गई, तो हजारों किसानों की सालभर की मेहनत बेकार चली जाएगी।
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Posted inइंदौर समाचार


