एमपीएससी ने रविवार को सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2025 का पहला चरण इंदौर के 13 केंद्रों पर करवाया। परीक्षा दो सत्रों में हुई।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने रविवार को सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2025 के पहले चरण की परीक्षा करवाई। शहर में बनाए गए 13 परीक्षा केंद्रों पर दो सत्रों में परीक्षा हुई। 5710 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3426 परीक्षा में शामिल हुए। दोनों सत्र में 40 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित थे। अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा के दौरान कोई नकल प्रकरण नहीं बना।
पहले चरण में संस्कृत, भूगोल, मनोविज्ञान, विधि, भूगर्भशास्त्र और यौगिक विज्ञान विषय की परीक्षा हुई। इनमें 148 पद रिक्त हैं। पहले सत्र में सुबह 10 से 11 बजे तक सामान्य अध्ययन (जनरल स्टडीज) का पेपर हुआ।
इसमें भारतीय संविधान, मध्य प्रदेश का सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाएं, शिक्षा व्यवस्था, तार्किक क्षमता और सामान्य विज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए। दूसरे सत्र में दोपहर एक से शाम चार बजे तक संबंधित विषय का प्रश्नपत्र रहा, जिसमें विषय की गहराई से समझ, अवधारणाओं, शोध आधारित जानकारी और विषय विशेषज्ञता का आकलन किया गया।
सख्त रही चेकिंग
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह सख्त रही। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया गया। प्रवेश से पहले एडमिट कार्ड और वैध फोटो पहचान पत्र की जांच की गई। इसके बाद मेटल डिटेक्टर से तलाशी और बायोमैट्रिक सत्यापन के तहत आंखों और अंगूठे के निशान लिए गए। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच सहित सभी इलेक्ट्रानिक उपकरण केंद्र के बाहर ही जमा करवाए गए। महिला अभ्यर्थियों से बालियां भी उतरवाई गईं।
सामान्य अध्ययन का पेपर संतुलित
अभ्यर्थी अमित तिवारी का कहना है कि सामान्य अध्ययन का पेपर संतुलित था और अधिकांश प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से जुड़े हुए थे। हालांकि कुछ प्रश्न समसामयिक घटनाओं और विश्लेषणात्मक सोच पर आधारित होने के कारण चुनौतीपूर्ण लगे। महीमा यादव ने बताया कि विषय आधारित पेपर अपेक्षाकृत कठिन रहा। इसमें केवल रटने वाले प्रश्न नहीं आए, बल्कि विषय की गहरी समझ और अवधारणात्मक ज्ञान की जांच करने वाले प्रश्न पूछे गए।
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