
जबलपुर में ही फरवरी 2020 को एक अनोखा मामला सामने आ चुका है, जब 6 साल से पिंजरे में बंद मादा तोते ने तीन अंडे दे दिए थे। यह देख घर वाले भी आश्चर्य में पड़ गए थे। लेकिन वन्य जीव विशेषज्ञ ने बताया था कि यह कोई अजूबा नहीं, ऐसा हजारों में एक मामला हो सकता है। जबलपुर के ब्राह्मण मोहल्ला पुरवा निवासी सतीश तिवारी के घर तोते (एलेक्जेंड्री पैराकीट) ने एक के बाद एक तीन अंडे दिए थे। विशेषज्ञ कहते हैं कि मादा पक्षियों का अंडे देना स्वाभाविक प्रक्रिया है। जैसा पोल्ट्री फॉर्म की मुर्गियों में होता है। वे बिना निषेचन के अंडे देती हैं, लेकिन उन अंडों से बच्चे पैदा नहीं होते। बच्चे देने के लिए पक्षियों में निषेचन प्रक्रिया होना जरूरी है। माता तोते ने जो अंडे दिए वे ठीक वैसा ही मामला है। इसलिए इनमें बच्चे नहीं होंगे।
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