सीएम को याद आई अपनी स्टूडेंट लाइफ:  बोले- ‘हम घर से टाटपट्टी लेकर स्कूल-कॉलेज जाते थे, छात्रों को कहा आप Gen-z नहीं.. अल्फा हैं – Bhopal News

सीएम को याद आई अपनी स्टूडेंट लाइफ: बोले- ‘हम घर से टाटपट्टी लेकर स्कूल-कॉलेज जाते थे, छात्रों को कहा आप Gen-z नहीं.. अल्फा हैं – Bhopal News

सीएम को याद आई अपनी स्टूडेंट लाइफ:  बोले- ‘हम घर से टाटपट्टी लेकर स्कूल-कॉलेज जाते थे, छात्रों को कहा आप Gen-z नहीं.. अल्फा हैं – Bhopal News


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल जिले के बैरसिया में 35 एकड़ में बने ‘सांदीपनी ठाकुर लाल सिंह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय’ के भव्य कैंपस का लोकार्पण किया। इस दौरान वे छात्रों से एक अभिभावक की तरह सीधे संवाद करते दिखे। उन्होंने अपने छात्र जीवन के संघर्षों को याद करते हुए आज की नई पीढ़ी की आधुनिक सुविधाओं से तुलना की। सीएम ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी केवल Gen-Z नहीं है, बल्कि यह उससे भी आगे की ‘अल्फा जी’ श्रेणी है। सीएम बोले: हम तो अपने घर से टाटफट्टी लेकर स्कूल जाते थे अपने पुराने दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग उस दौर के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों से पढ़े हैं जहाँ बैठने के लिए घर से बोरा या टाटपट्टी खुद लेकर जानी पड़ती थी। बारिश के मौसम में जब काले बादल छाते थे तो शिक्षक कह देते थे कि आज स्कूल मत आना। लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। आप सब बेहद सौभाग्यशाली हैं कि आपको प्रयोगशालाओं (लैब्स) और खेल के मैदानों जैसी सुविधाओं से लैस इतने भव्य और दिव्य विद्यालय मिल रहे हैं। नई पीढ़ी ‘Gen-Z’ नहीं, ‘अल्फा जी’ है कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को प्रेरित करते हुए सीएम ने कहा कि हमारे बीच जो नई पीढ़ी बैठी है, वह केवल Gen-Z नहीं है, बल्कि यह ‘अल्फा जी’ है। यह 10 से 12 साल तक के बच्चों की वह ऊर्जावान श्रेणी है जो देश का भविष्य तय करेगी। इंसान का असल जन्म विद्यालय से महाविद्यालय के बीच ही होता है। जैसे पारस के छूने से लोहा सोना बन जाता है, वैसे ही एक अच्छा विद्यालय विद्यार्थी के जीवन को तराशकर सोने की खदान तैयार करता है। केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें मेरिट वाले बच्चों से संवाद के दौरान अधिकांश छात्रों ने डॉक्टर, इंजीनियर, वकील या सीए बनने की इच्छा जताई। इस पर सीएम ने कृषि और व्यापार के प्रति नजरिया बदलने का संदेश दिया। उन्होंने पूछा कि पढ़-लिखकर कोई किसान या व्यापारी क्यों नहीं बनना चाहता? उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश की 9 करोड़ की आबादी के लिए केवल 10 लाख सरकारी नौकरियां हैं। इसलिए राज्य अब ऐसी नीतियां और पीढ़ी तैयार कर रहा है जो सिर्फ नौकरी की तलाश न करे, बल्कि दूसरों को नौकरी देने का सामर्थ्य रखे। ‘सांदीपनी’ नाम रखने का सांस्कृतिक कारण बताया विद्यालय के नामकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे हम अपने घर में नए मेहमान या बच्चों का नाम कोई विदेशी नाम नहीं रखते, ठीक वैसे ही इन स्कूलों का नाम अतीत के महान गुरुकुल के नाम पर रखा गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने जिस ‘सांदीपनी आश्रम’ में अपनी शिक्षा-दीक्षा ग्रहण की थी, उसी गौरवशाली परंपरा से जोड़ने के लिए इन विद्यालयों का नाम ‘सांदीपनी’ रखा जा रहा है ताकि बच्चे अपनी संस्कृति से जुड़े रहें। बैरसिया को फोरलेन हाईवे की बड़ी सौगात कार्यक्रम के दौरान बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत स्वीकृति देते हुए ‘बैरसिया-भोपाल हाईवे’ को फोरलेन में अपग्रेड करने की बड़ी घोषणा की। कार्यक्रम में विधायक विष्णु खत्री, भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष तीरथ सिंह मीणा, नगर पालिका अध्यक्ष तनुश्री राठौड़, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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