इंदौर में एआईसीटीएसएल पीपीपी मॉडल पर 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें शुरू करेगा। ऑटोमेटिक बुकिंग सिस्टम से शहरवासियों को सस्ती, सुविधाजनक और प्रदूषण मुक्त यात…और पढ़ें

HighLights
- इंदौर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें जल्द सड़कों पर उतरेंगी।
- पीपीपी मॉडल पर कंपनी संचालन और रखरखाव करेगी पूरी जिम्मेदारी।
- बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन पर उपलब्ध होंगी इलेक्ट्रिक साइकिलें।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआइसीटीएसएल) अब शहर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें चलाएगी। प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर यह साइकिलें चलेंगी। शहर की जनता को जहां यात्रा करने में सुविधा मिलेगी।
एआइसीटीएसएल की कमाई भी होगी। साथ ही प्रदूषण कम होगा और पेट्रोल-डीजल की बचत भी होगी। इलेक्ट्रिक पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम (ई-पीबीएस) के लिए पिछले दिनों टेंडर जारी किए गए थे, जो जल्द ही खोले जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार टेंडर मिलने के बाद कंपनी ई-साइकिलों का किराया तय किया जाएगा।
500 इलेक्ट्रिक साइकिलें चलाने की योजना
- एआइसीटीएसएल पहले ही एक साइकिल योजना चला रही है, जिसे ज्यादा सफलता नहीं मिली है। दूसरी योजना पर भी काम तेज कर दिया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें चलाने की योजना है।
- एआइसीटीएसएल का दावा है कि शहर में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए योजना बहुत फायदेमंद होगी। इसके लिए कान्ट्रेक्टर की तलाश जारी है और टेंडर जारी कर दिए गए है। कान्ट्रेक्टर कंपनी को ही योजना लागू करने, चलाने और इनका रखरखाव की जिम्मेदारी संभालना होगी। काम के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं।
आटोमेटिक होगा पूरा सिस्टम
- एआइसीटीएसएल की योजना है कि वह लोगों को शार्ट टर्म पर इलेक्ट्रिक साइकिल (पैडल भी होंगे) उपलब्ध कराए। इसके लिए तय किराया वसूला जाएगा। पूरा सिस्टम आटोमेटिक होगा, जिसमें साइकिलें लेने वाले को बुकिंग कराने और भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
- योजना में बढ़ते ट्रैफिक खर्च, जाम, प्रदूषण से मुक्ति के लिए लोगों को शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक जाने के लिए इलेक्ट्रिक साइकिल उपलब्ध करवाए।
- साइकिलें मूल रूप से रहवासी क्षेत्रों को एक-दूसरे से जोड़ेंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा शहरवासियों को सुविधा मिल सकें। बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशन, व्यावसायिक बाजार, भीड़ भरे शैक्षणिक संस्था और नौकरीपेशा लोगों के लिए बाहुल्य वाले क्षेत्रों में ये ई-साइकिलें उपलब्ध होंगी।
पुरानी योजना ज्यादा सफल नहीं
कंपनी ने पहले से ही एक अन्य “माय बाइक चलाओ”” साइकिल योजना चला रखी है, जिसमें शहर में कहीं आने-जाने के लिए एप के जरिए साइकिलें उपलब्ध हैं। कई क्षेत्रों में स्टैंड बने हुए हैं। शुरुआत में शहरवासियों ने काफी रुचि दिखाई, धीरे-धीरे आकर्षण कम हो गया है। योजना अभी भी चल रही है। साइकिलें कई स्टैंड पर उपलब्ध हैं।
घंटे के हिसाब से मिलेगी ई-साइकिलें
एआइसीटीएसएल के सीइओ अर्थ जैन के अनुसार फिलहाल योजना के तहत एक हजार से ज्यादा सामान्य साइकिलें चलाई जा रही है, जो एक दिन, सात दिन, एक महीनों और 90 दिन के लिए उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए 30 मिनिट का किराया 20 रुपए वसूला जाता है। वहीं, ई-साइकिलें पीपीपी माडल पर चलाई जाएगी। टेंडर मिलने वाली कंपनी के साथ बैठक कर किराया तय करेंगे। प्रत्येक घंटे और सप्ताह के अनुसार किराया वसूला जाएगा।
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