SDM को थप्पड़ जड़ने वाले नरेश मीणा ने किया सरेंडर; जयपुर-कोटा हाईवे जाम रहा, Kota Hindi News

SDM को थप्पड़ जड़ने वाले नरेश मीणा ने किया सरेंडर; जयपुर-कोटा हाईवे जाम रहा, Kota Hindi News

नरेश मीणा को इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट से इस मामले में सशर्त जमानत मिली थी। हालांकि, जमानत की शर्तों के कथित उल्लंघन के चलते एससी-एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत रद्द कर दी थी।

SDM को थप्पड़ जड़ने वाले नरेश मीणा ने किया सरेंडर; जयपुर-कोटा हाईवे जाम रहा, Kota Hindi News

नरेश मीणा को इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट से इस मामले में सशर्त जमानत मिली थी। हालांकि, जमानत की शर्तों के कथित उल्लंघन के चलते एससी-एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत रद्द कर दी थी।

टोंक देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान हुए चर्चित एसडीएम थप्पड़कांड मामले में आरोपी नरेश मीणा गुरुवार को सरेंडर करने के लिए नगरफोर्ट पहुंच गए। वे जयपुर से सुबह करीब 10:30 बजे समर्थकों के काफिले के साथ रवाना हुए थे और दोपहर 12:22 बजे नगरफोर्ट पहुंचे। यहां हजारों समर्थकों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया और जमकर नारेबाजी की। अब उन्होंने नगरफोर्ट थाने में सरेंडर किया।

जयपुर-कोटा हाईवे पर समर्थकों की भीड़

नरेश मीणा के जयपुर से टोंक तक के सफर के दौरान जयपुर-कोटा हाईवे पर कई स्थानों पर समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली। जगह-जगह समर्थकों ने उनका स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए। नगरफोर्ट पहुंचने पर भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। बूंदाबांदी के बीच समर्थकों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया, जिससे क्षेत्र में काफी देर तक हलचल का माहौल बना रहा।

पुलिस रही अलर्ट, थाने के बाहर सुरक्षा कड़ी

नरेश मीणा के सरेंडर को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा। नगरफोर्ट थाना परिसर और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था । भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता लगाया गया है। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी है।

टोंक, देवली और नगरफोर्ट में मजिस्ट्रेट तैनात

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) विनोद कुमार मीणा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर टोंक, देवली और नगरफोर्ट में मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि सरेंडर की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।

धारा 163 लागू, भीड़ जुटाने पर रोक

स्थिति को देखते हुए टोंक कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट टीना डाबी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं। यह वही प्रावधान है, जिसे पहले दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के रूप में जाना जाता था। आदेश के अनुसार टोंक, देवली और उनियारा क्षेत्र में धारा 163 प्रभावी रहेगी। इसके तहत बिना अनुमति भीड़ एकत्र करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध रहा।

जमानत रद्द होने के बाद सरेंडर

नरेश मीणा को इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट से इस मामले में सशर्त जमानत मिली थी। हालांकि, जमानत की शर्तों के कथित उल्लंघन के चलते एससी-एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद से उनके सरेंडर को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। गुरुवार को वे समर्थकों के साथ नगरफोर्ट पहुंचे और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

चर्चित रहा एसडीएम थप्पड़कांड

देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने की घटना पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बनी थी। मामले में नरेश मीणा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। अब उनके सरेंडर के साथ इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा।

नरेश मीणा के नगरफोर्ट पहुंचने और समर्थकों की भारी मौजूदगी के चलते पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अव्यवस्था या हिंसक गतिविधि से सख्ती से निपटा जाएगा। वहीं, सभी की निगाहें अब नगरफोर्ट थाने में होने वाली सरेंडर की औपचारिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।

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