उदयपुर की स्मार्ट सिटी कहलाने वाली नगरी गुरुवार को एक अजीबोगरीब जश्न की गवाह बनी। आमतौर पर बर्थडे पार्टी किसी बच्चे, किसी दोस्त या किसी रिश्तेदार की होती है
उदयपुर की स्मार्ट सिटी कहलाने वाली नगरी गुरुवार को एक अजीबोगरीब जश्न की गवाह बनी। आमतौर पर बर्थडे पार्टी किसी बच्चे, किसी दोस्त या किसी रिश्तेदार की होती है, लेकिन यहां तो मामला ही उल्टा निकला। मनवाखेड़ा इलाके की सड़क पर बने गहरे गड्ढे का पहला जन्मदिन मनाया गया। हां, आपने सही पढ़ा—गड्ढे का बर्थडे!
सुबह-सुबह इलाके के लोग केक लेकर पहुंचे और मोमबत्ती जलाकर सड़क किनारे गाने गाए। फिर क्या था—गड्ढे के नाम का केक काटा गया और लोगों ने तालियां बजाकर इस अनोखी पार्टी को यादगार बना दिया। वजह थी पिछले एक साल से लोगों की बेबसी और अफसरों की बेरुखी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गड्ढे की वजह से बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। गड्ढे में पानी भरते ही गाड़ी तो दूर, पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं। कई बार प्रशासन को कहा गया, नगर निगम से लेकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के इंजीनियरों तक शिकायत पहुंची, लेकिन जवाब सिर्फ़ वादों तक ही सिमटा।
इलाके के निवासी प्रेमचंद पटेल ने ताना कसते हुए कहा—“यहां सीवरेज लाइन डाली गई थी। उसके बाद मिट्टी पर ही सीसी रोड बना दी। कोई देखभाल नहीं हुई और सड़क धंस गई। अब हालत ये है कि गड्ढा यहां का स्थायी नागरिक बन गया है।”
प्यारेलाल डांगी ने रोष जताया कि इस गड्ढे की वजह से बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। स्कूल बसें यहां आना बंद कर चुकी हैं। बरसात के दिनों में तो यह रास्ता जानलेवा साबित होता है। “पानी भरने पर कोई अंदाज़ा ही नहीं चलता कि गड्ढा कहां है। हादसे का डर हमेशा बना रहता है।”
विष्णु पटेल बताते हैं कि यह सड़क पीस पार्क से मनवाखेड़ा तक जाती है। यही रास्ता गीतांजलि अस्पताल तक जाने का भी शॉर्टकट है। गड्ढे की वजह से बड़े वाहन यहां से गुजर ही नहीं पा रहे। मजबूरी में लोग लंबा रास्ता लेकर जाते हैं।
विष्णु पटेल ने तंज कसते हुए कहा—“इतना समय हो गया, अब जब इसी गड्ढे के साथ जीना है तो क्यों न जश्न ही मना लें। इसलिए हमने केक काटकर खुशी-खुशी सालगिरह मना दी।”
करीब दो साल पहले स्मार्ट सिटी योजना की अमृत स्कीम के तहत यहां डेढ़ किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन डाली गई थी। काम पूरा होने के बाद सीसी सड़क बना दी गई। लेकिन क्षेत्रवासियों का आरोप है कि खुदाई वाले हिस्से की ठीक से भराई नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि सड़क धंस गई और गड्ढा दिन-ब-दिन गहरा होता चला गया।
यह रास्ता हिरणमगरी क्षेत्र को सीधे गीतांजलि अस्पताल से जोड़ता है। कई कॉलोनियों के लोग इसी शॉर्टकट से आते-जाते थे। अब उन्हें रोज़ाना लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को बीच रास्ते से पैदल निकालना पड़ता है।
बर्थडे पार्टी का वीडियो वायरल होते ही नगर निगम के अधिकारी हरकत में आए। अधीक्षण अभियंता (SE) मुकेश पुजारी ने कहा—“हम पूरे मामले को दिखवाते हैं। इंजीनियर को मौके पर भेजकर समझते हैं कि दिक्कत कहां हुई है।”
लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा कि जब प्रशासन ने एक साल तक ध्यान ही नहीं दिया तो अब गड्ढे को स्थायी निवासी मान लेना चाहिए। कोई बोला- “अब तो गड्ढे को आधार कार्ड मिलना चाहिए।” किसी ने कहा—“स्मार्ट सिटी की स्मार्टनेस इसी से पता चल रही है।”
गुस्से में आग उगलने की बजाय लोगों ने तंज भरा रास्ता चुना। केक काटकर प्रशासन को आईना दिखाया। बर्थडे सेरेमनी में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी शामिल हुए। केक पर मोमबत्ती जली, ‘हैप्पी बर्थडे टू गड्ढा’ गाया गया और सोशल मीडिया पर यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया।
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