शहर के राजनगर क्षेत्र में गुड़ खिलाने आए युवक को जिस हाथी ने पैर से कुचलकर मार डाला, उसे कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। वहीं, हाथी के महावत उमेश गोस्वामी और हाथी के मालिक संदीप निर्मोही को कोर्ट ने जमानत नहीं दी है। दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया।
हाथी को देखभाल करने वाले साधुओं के पास छोड़ दिया है, लेकिन साथ में यह भी कहा गया है कि इस केस का फैसला होने तक हाथी शहर से बाहर नहीं जा सकता है। हाथी अब अन्य साधुओं के पास है। हादसे के बाद वन विभाग की टीम हाथी की निगरानी कर रही थी। इस हादसे के बाद उसकी देखभाल करने वाले साधु भी डरे हुए हैं। वे हाथी को रोज खाना दे रहे हैं, लेकिन पास जाने से बच रहे हैं। उन्हें लगता है कि हाथी गुस्से में होगा तो हमला कर सकता है। फिलहाल उसे भरपेट खाना दिया जा रहा है।साधुओं ने बताया कि एक वाहन में रखकर हाथी को हैदराबाद से उज्जैन लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में वाहन खराब होने के कारण नांदेड़ में उसे उतारा गया। उसके बाद हाथी फिर वाहन में नहीं चढ़ा। कई बार महावत ने इसके लिए प्रयास किए। बताते हैं कि तब से ही उसका स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया था। बाद में उसे 15 दिन पैदल चलाकर इंदौर लाया गया था और फिर यहां से उज्जैन ले जाना था।
युवक को पहले जमीन पर पटका, फिर कुचल दिया
पिछले दिनों इंदौर के राजनगर में घूमते वक्त इस हाथी को एक युवक ने गुड़ खिलाने की कोशिश की थी। इस पर पहले उसने युवक को सूंड मारी। महावत ने यह देखा तो हाथी के सिर पर जोर से डंडा मारा। इसके बाद हाथी को और गुस्सा आ गया और उसने युवक को जमीन पर पटक दिया और पैर से उसे कुचल दिया। युवक को लोग अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।