गुना में आजीविका मिशन में फिर गड़बड़ी के आरोप:  ब्लॉक प्रबंधक ने परिवार के नाम बनाया समूह, योजना से मिला ट्रैक्टर भी घर पर – Guna News

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गुना में आजीविका मिशन में फिर गड़बड़ी के आरोप:  ब्लॉक प्रबंधक ने परिवार के नाम बनाया समूह, योजना से मिला ट्रैक्टर भी घर पर – Guna News


गुना जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन में गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तत्कालीन बमोरी और वर्तमान चांचौड़ा ब्लॉक प्रबंधक अजब सिंह लोधा पर अपने परिवार के सदस्यों को शामिल कर स्व-सहायता समूह बनाने और उसी समूह को फार्म मशीनरी योजना का लाभ दिलाने के आरोप लगे हैं। शिकायत की जांच में समूह के छह सदस्यों के लोधा के परिवार से जुड़े होने और योजना के तहत मिला ट्रैक्टर परिवार द्वारा इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। मामले में कलेक्टर ने ब्लॉक प्रबंधक को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। 3.74 करोड़ की गड़बड़ी के बाद सामने आया नया मामला ग्रामीण आजीविका मिशन में इससे पहले करीब 3.74 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का मामला सामने आ चुका है। जिला परियोजना प्रबंधक के तबादले के बाद भी उनके हस्ताक्षर से भुगतान किए जाने के आरोप लगे थे। मामले में तत्कालीन परियोजना प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी और पुलिस जांच कर रही है। इसी बीच अब ब्लॉक प्रबंधक स्तर पर कथित अनियमितता का मामला सामने आने से आजीविका मिशन की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार के सदस्यों को शामिल कर बनाया समूह कलेक्टर को मिली शिकायत के बाद मामले की जांच तीन सदस्यीय समिति से कराई गई। जांच रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम सिमरौद का राधाकृष्ण स्व-सहायता समूह वर्ष 2013 में पंजीकृत हुआ था। समूह में कुल 10 सदस्य दर्ज हैं और उसे आरएफ तथा सीआईएफ राशि भी मिल चुकी है। जांच में सामने आया कि समूह में छह सदस्य ब्लॉक प्रबंधक अजब सिंह लोधा के परिवार से जुड़े हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि परिवार की समग्र आईडी से जुड़े सदस्यों और समूह में शामिल सदस्यों के बीच संबंध सामने आए हैं। समूह के सदस्यों ने लाभ नहीं मिलने की बात कही जांच समिति के सामने समूह की महिलाओं ने कथित तौर पर बताया कि समूह की राशि निकलवाने के लिए उन्हें ले जाया जाता है, लेकिन उन्हें राशि का लाभ नहीं मिलता। जांच में समूह का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। समूह के पंजीयन और बैंक खाते में अध्यक्ष-सचिव के नाम अलग-अलग पाए गए। वहीं, फार्म मशीनरी के सत्यापन प्रपत्र में अध्यक्ष और सचिव के तौर पर जिन महिलाओं के हस्ताक्षर मिले, उन्हें ब्लॉक प्रबंधक की मां और भाभी बताया गया है। योजना से मिला ट्रैक्टर घर पर खड़ा होने का आरोप जांच रिपोर्ट में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि फार्म मशीनरी योजना के तहत समूह को मिला ट्रैक्टर कथित तौर पर समूह के बजाय ब्लॉक प्रबंधक के परिवार द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रैक्टर उनके घर पर ही खड़ा मिला। कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि समूह के सदस्यों को फार्म मशीनरी योजना के लाभ की जानकारी नहीं दी गई और योजना के लिए समूह के चयन में पारदर्शिता तथा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 7 दिन में जवाब, नहीं तो एकतरफा कार्रवाई कलेक्टर ने अजब सिंह लोधा को नोटिस जारी कर पूरे मामले में सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा गंभीर कार्रवाई के तहत सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई भी संभव है। अब ब्लॉक प्रबंधक के जवाब और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर पूरे मामले की दिशा तय होगी।

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