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पाचन ठीक तो सेहत ठीक, हम सभी बचपन से ये सुनते आ रहे हैं। पर जिस तरह से लोगों की दिनचर्या और खानपान गड़बड़ होता जा रहा है, इसने पाचन स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। लिहाजा कब्ज, अपच, गैस और अक्सर पेट फूले रहने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। कहीं आप भी तो इनका शिकार नहीं हैं?
क्या आपको भी खाना खाते ही तुरंत टॉयलेट जाने की तेज जरूरत महसूस होने लगती है। अक्सर लोग इसे यह सोचकर टाल देते हैं कि शायद खाना पेट में जाते ही बाहर निकल रहा है। लेकिन ऐसा नहीं होता। इस समस्या को मेडिकल की भाषा में गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स कहा जाता है।
अगर आप भी इस तरह की समस्या से परेशान है तो आइए जान लेते हैं कि इसका क्या कारण है और ये कब खतरनाक स्थिति हो सकती है?

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गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स की समस्या
– फोटो : Freepil.com
गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स की समस्या के बारे में जानिए
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक जब खाना पेट में पहुंचता है और पेट फैलता है, तो शरीर की नसों और हार्मोन के जरिए बड़ी आंत को संकेत मिलता है कि पाचन तंत्र में नया भोजन आ गया है। इसके जवाब में आंत पहले से मौजूद मल को आगे बढ़ाने लगती है। इस प्रक्रिया को गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स कहा जाता है। इसी वजह से भोजन के कुछ ही समय बाद टॉयलेट जाने की इच्छा होती है। यह प्रक्रिया सामान्य भी हो सकती है।
लेकिन जब हर बार भोजन के बाद बहुत तेज टॉयलेट लगे, मल पतला या पानी जैसा हो, पेट में दर्द या बार-बार दस्त हों तो ये समस्या का संकेत हो सकती है। जिसके बारे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

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ज्यादा खाने से क्या होता है?
– फोटो : Freepik.com
ज्यादा खाना खाने से हो सकती है ये दिक्कत
भोजन की मात्रा भी इस प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है। पेट में ज्यादा खाना पहुंचने पर वह ज्यादा फैलता है और बड़ी आंत की गतिविधि तेज हो सकती है। इसी वजह से भारी भोजन के बाद कुछ लोगों को टॉयलेट जाने की इच्छा जल्दी हो सकती है।
- बहुत ज्यादा कैलोरी वाला, तैलीय या भारी भोजन कुछ लोगों में आंतों की गतिविधियों को बढ़ा सकता है।
- अगर कभी-कभार ऐसा होता है और मल सामान्य है तो यह शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया भी हो सकती है।

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पेट की समस्या
– फोटो : Freepik.com
आईबीएस की दिक्कत तो नहीं
आईबीएस यानी इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में आंतों की संवेदनशीलता और उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित हो जाती है। इसके कारण कुछ लोगों में खाना खाने के बाद पेट में दर्द, ऐंठन, पेट फूलने और तुरंत शौच की इच्छा बढ़ जाती है। आईबीएस में दस्त या कब्ज जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। अगर लंबे समय से भोजन के बाद टॉयलेट जाना पड़ रहा हो साथ ही पेट दर्द, पेट फूलने और मल की आदत में बदलाव हो रहा हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
डॉक्टर कहते हैं, खाने के बाद टॉयलेट जाना और दस्त होना दो अलग बातें हैं। अगर मल सामान्य है और केवल शौच की इच्छा जल्दी होती है, तो यह सामान्य गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स हो सकता है। लेकिन अगर मल बार-बार ढीला या दस्त जैसा है और यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो इसके पीछे कोई पाचन संबंधी कारण हो सकता है। समय रहते डॉक्टर से मिलकर जांच और इलाज से किसी गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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