कंपनी कर्मचारियों और ग्राहकों के बयान एवं लोन स्टेटमेंट व अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

HighLights
- भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेट की सिहोरा ब्रांच का मामला
- छह संगम मैनेजरों पर धोखाधड़ी का केस, जांच में सामने आई गड़बड़ी
- जमा नहीं करने और निजी उपयोग में लेने के आरोप में एफआइआर दर्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सिहोरा थाना पुलिस ने भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड की सिहोरा शाखा में पदस्थ छह संगम मैनेजरों के खिलाफ महिलाओं से लोन की किश्त और प्री-पेमेंट के रूप में वसूली गई रकम बैंक में जमा नहीं करने और निजी उपयोग में लेने के आरोप में एफआइआर दर्ज किया है।
गबन कर बैंक को नुकसान पहुंचाना सामने आया
जांच में आरोपितों द्वारा कुल 25 लाख 44 हजार 749 रुपये की राशि का गबन कर बैंक को नुकसान पहुंचाना सामने आया है। मामले में शाखा प्रबंधक गोविंद रजक की शिकायत पर पुलिस ने कृष्णकांत पांडेय उर्फ कृष्णा, सौरभ सेन, अतुल बैरागी, आकाश सिंह गौंड, पवन कुशवाहा और बृजेश सिंह को आरोपित बनाया है।
समूह लोन देने एवं किश्तों की वसूली का काम करते थे
आरोपित संगम मैनेजर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को समूह लोन देने एवं किश्तों की वसूली का काम करते थे। आरोपितों ने महिलाओं से लोन की किश्त और समय से पहले लोन बंद कराने के लिए प्री-पेमेंट के रूप में रकम ली, लेकिन उसे शाखा में जमा करने के बजाय अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल कर लिया और बाद में फरार हो गए।
जांच में आरोपित वीएफजे मड़ई इंद्रा नगर बिलपुरा रोड निवासी अतुल बैरागी पर 40 हजार 974 रुपये, दमोह जिले के जुगराज पंचायत के ग्राम पिपरिया निवासी आकाश सिंह गौंड पर चार लाख एक हजार 39 रुपये, सतना जिले के जैतवारा महलाा महती निवासी पवन कुशवाहा पर 38 हजार 000 रुपये, कृष्णकांत पांडेय पर 12 लाख चार हजार 931 रुपये, सौरभ सेन पर आठ लाख 59 हजार 601 रुपये और दमोह जिले के पोस्ट भजिया ग्राम अमदर निवासी बृजेश सिंह पर 19 हजार 225 रुपये की राशि का गबन सामने आया।
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