राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने ‘एनालॉग पनीर’ के निर्माण, बिक्री और सेवन को लेकर सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पनीर के इस विकल्प की पोषण संरचना और उसमें प्रोटीन, वसा समेत अन्य पोषक तत्वों की मात्रा स्पष्ट करने को कहा है। NHRC ने पूछा कि ऐसे उत्पादों के निर्माण और बिक्री की अनुमति क्यों जरूरी है, खासकर तब जब तीन राज्यों में इनके खिलाफ प्रतिबंध या रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। आयोग ने यह भी जानना चाहा कि उपभोक्ताओं को उत्पाद के गैर-डेयरी स्वरूप की पर्याप्त जानकारी लेबल पर दी जाती है या नहीं। ‘एनालॉग पनीर’ पारंपरिक दूध से बने पनीर की नकल वाला उत्पाद है, जिसमें वनस्पति तेल या वसा, स्टार्च, मिल्क सॉलिड्स, प्लांट प्रोटीन और अन्य सामग्री का इस्तेमाल हो सकता है। NHRC ने कहा कि उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि वे पारंपरिक पनीर खरीद रहे हैं या उसका विकल्प, ताकि किसी तरह का भ्रम न हो।
महुआ मोइत्रा का आरोप- नादिया प्रशासन ने सर्किट हाउस खाली करने का आदेश दिया
पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के नदिया जिला प्रशासन ने उन्हें रात में कृष्णानगर स्थित सरकारी सर्किट हाउस खाली करने का आदेश दिया। मोइत्रा के अनुसार, संसद सत्र के बाद उन्होंने शाम करीब 6:15 बजे वहां कमरा लिया था और उन्हें भोजन भी परोसा गया। रात करीब 10 बजे प्रशासन ने उन्हें कमरा खाली करने के संदेश भेजने शुरू किए। शुक्रवार को मोइत्रा ने दावा किया कि उनके बाहर जाने से इनकार करने के बाद सर्किट हाउस के बाहर बड़ी भीड़ जमा हो गई और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए। उन्होंने इसे डराने-धमकाने की कोशिश बताया और कहा कि एक निर्वाचित सांसद के तौर पर उन्हें इस सरकारी सुविधा का इस्तेमाल करने का अधिकार है। उन्होंने प्रशासन का आदेश भी साझा किया, जिसमें 14 अगस्त की शाम से अगले आदेश तक सर्किट हाउस को रखरखाव और सफाई के कारण बंद रखने की बात कही गई है। आदेश में 13 अगस्त से पहले की गई पुष्टि वाली बुकिंग को छूट दी गई है। नदिया प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।