घर की छत पर सोलर पैनल लगवा चुके उपभोक्ताओं से बिजली कंपनी द्वारा फिक्स चार्ज के रूप में की जा रही वसूली के खिलाफ हाई कोर्ट में प्रस्तुत जनहित याचिका म…और पढ़ें

HighLights
- जीरो बिल की जगह ₹900 तक की फिक्स वसूली
- कोर्ट ने कहा बिजली के बिल प्रस्तुत कर समझाओ
- जनहित याचिका में सुनवाई अब एक सप्ताह बाद
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। घर की छत पर सोलर पैनल लगवा चुके उपभोक्ताओं से बिजली कंपनी द्वारा फिक्स चार्ज के रूप में की जा रही वसूली के खिलाफ हाई कोर्ट में प्रस्तुत जनहित याचिका में मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के आरंभिक तर्क सुने और कहा कि वे एक सप्ताह के भीतर उपभोक्ताओं के बिजली के बिल प्रस्तुत करें और समझाएं कि फिक्स चार्ज के रूप में बिजली कंपनी कितनी राशि वसूल रही है। अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
याचिका में फिक्स चार्ज वसूली पर तुरंत रोक लगाने की मांग
हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका पूर्व पार्षद महेश गर्ग ने एडवोकेट प्रतीक माहेश्वरी के माध्यम से दायर की है। कहा है कि एक तरफ तो शासन नागरिकों को सोलर संयंत्र स्थापित करने के प्रोत्साहित कर रहा है। बैंकों से आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार खुद सोलर संयंत्र लगवाने वालों को सबसिडी दे रही है, दूसरी तरफ बिजली कंपनियां फिक्स चार्ज के नाम पर इन्हीं लोगों से अवैध वसूली कर रही है।
याचिका में फिक्स चार्ज वसूली पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए कहा है कि सोलर संयंत्र लगवाने वाले कई परिवार ऐसे हैं जो जितनी बिजली उपयोग कर रहे हैं उतनी या उससे ज्यादा का उत्पादन उनकी छत पर स्थापित सोलर संयंत्र से हो रहा है।
उपभोक्ताओं से वसूल रही जा रही है मोटी रकम
ऐसे में इन परिवारों का बिजली बिल जीरो होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी फिक्स चार्ज के नाम पर ऐसे उपभोक्ताओं से मोटी रकम वसूल रही है। जब उपभोक्ता कंपनी से बिजली नहीं ले रहा तो फिर उससे वसूली कैसे की जा सकती है। मंगलवार को न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी ने याचिकाकर्ता के तर्क सुन और कहा कि वे सोलर पैनल लगवाने वाले कुछ उपभोक्ताओं के बिजली बिल प्रस्तुत कर बताएं कि बिजली कंपनी कितनी राशि फिक्स चार्ज के रूप में वसूल रही है।
अन्य कंपनियां नहीं ले रहीं फिक्स चार्ज
एडवोकेट माहेश्वरी ने बताया कि पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी के अलावा अन्य कोई भी कंपनी सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज के नाम पर वसूली नहीं कर रही है। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के दस्तावेज भी कोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। याचिका में फिक्स चार्ज के नाम पर की जा रही वसूली को अवैध बताते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।
इंदौर में 33 हजार से ज्यादा छतों पर स्थापित है सोलर पैनल
छतों पर सोलर पैनल स्थापित करने के मामले में इंदौर प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां 33 हजार से ज्यादा छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र में लगे सोलर पैनल की संख्या 82 हजार से ज्यादा है। इसके माध्यम से 495 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत तीन किलोवाट तक क्षमता का सोलर पैनल स्थापित करने पर 78 हजार रुपये सबसिडी के रूप में शासन द्वारा दिए जाते हैं। यह राशि उपभोक्ता के खाते में सीधे जमा होती है।
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700 से 900 रुपये तक लग रहा है फिक्स चार्ज
घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित करवा चुके उपभोक्ताओं के मुताबिक उपभोग से ज्यादा बिजली उत्पादन करने के बावजूद उन्हें 700 से 900 रुपये प्रतिमाह का बिल आ रहा है।
किस जिले में कितने सोलर पैनल लगे हैं छत पर
- 33000 – इंदौर
- 7500 – उज्जैन
- 6800 – रतलाम
- 4900 – देवास
- 4500 – मंदसौर
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