![]()
बैतूल में वन्य प्राणी भालू का शिकार करने के करीब 18 साल पुराने मामले में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुरेश यादव की अदालत ने प्रत्येक आरोपी को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 40-40 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में प्रीतिश मंडल निवासी झोली नंबर-2, रमेन उर्फ चंकी बाईन और राहुल बंगाली निवासी बटकीडोह तथा वासु गोलदार निवासी निश्चिंतपुर शामिल हैं। मामला वन परिक्षेत्र सारणी (सामान्य) के हीरापुर बीट के जंगल का है। नाले में मिला था मृत भालू वन विभाग के अनुसार, घटना 14 दिसंबर 2008 की है। वन अमला गश्त के दौरान हीरापुर बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ-289 में पहुंचा था। यहां सीमा रेखा के पास एक नाले में मृत भालू मिला था। उसका एक पंजा कटा हुआ था, जबकि दूसरे पंजे के नाखून गायब थे। प्रथम दृष्टया शिकार का मामला सामने आने पर वन विभाग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। बिजली का करंट लगाकर किया था शिकार जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई और मुखबिर की सूचना पर चार आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने जंगल के नाले में खूंटी और जीआई तार के जरिए बिजली का करंट फैलाने की बात स्वीकार की। करंट की चपेट में आने से भालू की मौत हो गई थी। आरोपियों की निशानदेही पर वन अमले ने जीआई तार, विद्युत तार, लकड़ी की खूंटी, भालू के नाखून और बाल बरामद किए। वैज्ञानिक जांच में जब्त अंगों के भालू के होने की पुष्टि हुई। पूछताछ में आरोपियों ने भालू का शिकार ‘जादू’ के उद्देश्य से करने की बात बताई थी। एक आरोपी अभी भी फरार मामले का एक सहअभियुक्त कालू उर्फ सुभाष पिता खिरात बढ़ाई निवासी नूतनडंगा, घोड़ाडोंगरी अभी फरार है। उसके फरार होने के कारण उसके खिलाफ अदालत से फिलहाल निर्णय पारित नहीं हुआ है। मामले में शासन की ओर से अभियोजन अधिकारी अजीत सिंह और अभयदीप सिंह ठाकुर ने पैरवी की। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच व अभियोजन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Source link
#जद #क #लए #भल #क #शकर #कर #पज #कट #आरपय #क #बतल #करट #न #सल #क #सज #सनई #हजर #रपए #क #जरमन #भ #लगय #Betul #News


