घरेलू हिंसा से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति-पत्नी के बीच हुए समझौते से उस बालिग बेटी के मौद्रिक अधिकार खत्म नहीं हो सकते, जो उस समझौते की पक्षकार ही नहीं थी। अदालत ने कहा कि बेटी को अपने अधिकारों के लिए कानून के मुताबिक नए सिरे से कार्यवाही करने की छूट है।
Source link
#Supreme #Courtदपत #क #समझत #स #बट #क #हक #खतम #नह #हत #शरष #करट #न #कस #ममल #क #य #टपपण #Supreme #Court #Daughter #Settlement #Couple #Justice #Sandeep #Mehta #Justice #Manmohan #Bench


