NEET-UG Paper Leak Case | Supreme Court Oversight On Probe Committee

NEET-UG Paper Leak Case | Supreme Court Oversight On Probe Committee

नई दिल्ली7 मिनट पहले

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NEET-UG Paper Leak Case | Supreme Court Oversight On Probe Committee

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को पुलिस ने बल प्रयोग किया था।

NEET-UG पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस की कथित कार्रवाई की जांच की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

उन्होंने कोर्ट की बनाई हाई पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) को फिर से बनाने की मांग की।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज आर सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी सुप्रीम कोर्ट की ‘सीधी निगरानी’ में काम कर रही है। हमें जजों के नामों का जिक्र करना पसंद नहीं है।

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि मामले का निपटारा नहीं हुआ है और यह अभी लंबित है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका को शरारतपूर्ण बताया।

जंतर-मंतर पुलिस एक्शन की तस्वीरें

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। इसमें पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। इसमें पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।

प्रदर्शन के दौरान 120 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

प्रदर्शन के दौरान 120 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

सॉलिसिटर जनरल ने अर्जी को शरारतपूर्ण बताया

सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि कमेटी के बारे में एक अर्जी दाखिल की गई है। इसे अगले हफ्ते कभी भी सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए।

इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे बहुत शरारतपूर्ण अर्जी बताया और बेंच से गुजारिश की कि इसे मुख्य मामले के साथ ही लिस्ट किया जाए।

मेहता ने बताया कि मांग यह है कि आपकी बनाई गई कमेटी का पुनर्गठन किया जाए।

उन्होंने कुछ नाम भी सुझाए हैं कि इन जजों को कमेटी की अध्यक्षता करनी चाहिए। यह (कोर्ट) कोई राजनीतिक मंच नहीं है।

20 अगस्त को बनाई थी कमेटी

20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यों की कमेटी बनाई थी। इसकी अध्यक्षता पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी कर रहे हैं, जो हाई-पावर्ड इन्क्वायरी कमेटी (HPEC) के चेयरमैन भी हैं।

कमेटी के अन्य सदस्य हैं- पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज शलिंदर कौर, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला, और मेघालय के रिटायर्ड डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डॉ एलआर बिश्नोई शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था- संसद मार्च गैरकानूनी था

सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि 20 जुलाई का संसद मार्च गैरकानूनी था। इसकी परमिशन नहीं थी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में कई हिस्ट्रीशीटर भी आ गए थे।

पुलिस ने बताया कि संसद मार्च में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और पुलिस से मारपीट की, जिससे प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं रहा। हालात संभालने के लिए बल प्रयोग किया गया था,लेकिन प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग नहीं किया गया।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सचिन शर्मा ने हलफनामा दाखिल कर ये जानकारी दी। इसे पुलिस ज्यादती की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं के जवाब के तौर पर पेश किया गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हाई लेवल कमेटी बनाएगा।

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नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यों की हाई पावर्ड कमेटी के नामों का ऐलान किया। कमेटी का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

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