इंदौर में राखी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह से घरों में व्यंजन बनने लगे थे और बहनें अपने भाइयों के यहां जाने की तैयारियों में जुटी थीं। बहनों ने शुभ मुहूर्त में भाइयों को राखी बांधी। इस बार राखी भद्रा रहित है। इस कारण पूरे दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं।
उधर, इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में गणपति बप्पा को भक्तों ने राखी बांधी। खजराना गणेश के लिए 40 बाय 40 इंच की सनातनी राखी मल्हारगंज के एक परिवार ने तैयार की थी। इस राखी में राष्ट्र प्रेम और सांस्कृतिक प्रतीकों को स्थान दिया गया। वंदे भारत को डेढ़ सौ साल पूरे होने की थीम पर बनी इस राखी को सुबह परिवार के लोग खजराना गणेश को बांधने पहुंचे थे।
शहर में कई संगठनों ने सामूहिक रूप से भी रक्षाबंधन का पर्व मनाया। जैन समाज ने भी इस त्योहार पर रक्षा सूत्र बांधे। दलालबाग में आयोजित कार्यक्रम में सुबह मुनिश्री सुधासागर के प्रवचन के बाद हजारों समाजजनों ने रक्षाबंधन का पर्व मनाया। उधर, इंदौर में सिटी बसों में रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त सफर करने की सुविधा बस प्रबंधन ने दी। इंदौर के अलावा आसपास के शहरों तक जाने वाली बसों में भी महिलाओं का किराया नहीं लगा।
जेल में भी बहनों ने बांधी राखी
इंदौर की सेंट्रल और जिला जेल में बंद कैदियों के लिए बहनें राखी लेकर पहुंचीं। रक्षाबंधन का पर्व जेल परिसर में मनाने की व्यवस्था अफसरों ने की थी। सुरक्षा जांच के बाद बहनों को प्रवेश दिया गया और उन्होंने अपने भाइयों को राखी बांधी। अपराधों के कारण जेल में बंद कैदियों की आंखें अपनी बहनों को देखकर भर आईं।
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