शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या से निपटने के लिए अब प्रशासन, निगम और पुलिस ने संयुक्त मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को रेसीडेंसी कोठ…और पढ़ें

HighLights
- रेसीडेंसी कोठी में हुई बैठक में तीन चरणों का रोडमैप
- चार रास्ते होंगे अतिक्रमण मुक्त, इंटरसिटी बसें शहर से होंगी बाहर
- इंदौर के ट्रैफिक को पटरी पर लाने के लिए तीन चरणों में बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या से निपटने के लिए अब प्रशासन, निगम और पुलिस ने संयुक्त मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को रेसीडेंसी कोठी में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई हाई पॉवर बैठक में इंदौर के ट्रैफिक को पटरी पर लाने के लिए तीन चरणों में बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया। पहले बॉटल नेक हटेंगे, फिर मेट्रो-बस-रेल का आपस में संगम होगा।
प्लान के तहत चार प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त करने, सभी प्रमुख लेफ्ट टर्न चौड़े करने, सड़क किनारे पार्किंग पर नियंत्रण और करीब 1,500 इंटरसिटी बसों को शहर के बाहर करने की तैयारी है। अगले एक साल में सड़कों पर इसका असर दिखाई देने का दावा किया गया है। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह, एआरटीओ राजेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
थ्री-ई फार्मूला होगा लागू
शहर के ट्रैफिक सुधार की पूरी रणनीति को तीन हिस्सों में बांटा गया है।
- 70 प्रतिशत इंजीनियरिंग : चौराहों की री-डिजाइनिंग, लेफ्ट टर्न चौड़े करना, बाटलनेक हटाना, सड़क सुधार और फ्लाईओवर।
- 15 प्रतिशत एनफोर्समेंट : चालानी कार्रवाई, लेन अनुशासन, सीसीटीवी निगरानी और मोबाइल कोर्ट।
- 15 प्रतिशत एजुकेशन : स्कूल-कालेजों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता अभियान।
पहले साल: जाम के कारणों पर होगा प्रहार
- 17 चौराहों के बाद अब बाकी सभी प्रमुख लेफ्ट टर्न भी चौड़े होंगे।
- सड़क की गलत ज्योमेट्री और बाटलनेक सुधारे जाएंगे।
- चार प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई होगी।
- मुख्य सड़कों और व्यावसायिक क्षेत्रों में आन-स्ट्रीट पार्किंग पर नियंत्रण किया जाएगा।
- आवारा मवेशियों और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान चलेगा।
- सीसीटीवी के जरिए ई-चालान और मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई तेज होगी।
- दिन के पीक आवर्स में जाम रोकने के लिए माल ढुलाई और लोडिंग-अनलोडिंग रात में कराने की व्यवस्था बनाई जाएगी।
फ्लाईओवर, बसें और मंडियों पर फोकस
- शहर में वाहनों की औसत गति करीब 16 से 17 किमी प्रतिघंटा बताई गई है। इसे बढ़ाने के लिए 25 से अधिक फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम होगा।
- सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए सिटी बसों की संख्या 350 से बढ़ाकर 1,500 करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं शहर में प्रवेश करने वाली करीब 1,500 इंटरसिटी बसों बाहरी बस स्टैंड पर रोक जाएगा।
- थोक मंडियों और लोडिंग-अनलोडिंग जोन को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाएगा। गंगवाल, सरवटे, नायता मुंडला और कुमेड़ी बस टर्मिनलों के बीच 24 घंटे कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।
- ट्रैफिक का दबाव बांटने के लिए आफिस और बाजारों की टाइमिंग बदलने पर भी विचार होगा।
यह किए तय किए लक्ष्य
- ट्रैफिक पुलिस बल 1,200 से बढ़ाकर तीन हजार तक करना।
- ई-चालान को अधिक प्रभावी डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ना।
- मेट्रो, सिटी बस और सब-अर्बन रेल को एक नेटवर्क में जोड़ना।
- साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए विशेष स्ट्रीट विकसित करना।
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