कुछ ही क्षण पहले
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भारतीय सेना के एविएशन पायलटों ने शनिवार को लद्दाख के कारगिल क्षेत्र के पास स्थित नुन-कुन पर्वत पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और एक मरीज को सुरक्षित निकाला।
18,600 फीट की ऊंचाई पर तेज हवाओं और बेहद कठिन पहाड़ी इलाके के बीच यह बचाव अभियान बेहद मुश्किल था।तेज पहाड़ी हवाओं और खड़ी ढलान पर हेलिकॉप्टर उतारने के लिए कोई सामान्य लैंडिंग स्पेस नहीं था।
पायलटों ने हेलिकॉप्टर को बेहद कम ऊंचाई पर स्थिर रखा। इसके बाद तकनीकी तरीका अपनाते हुए हेलिकॉप्टर का सिर्फ एक स्किड ढलान से टिकाया और उसे संतुलित रखा। इसके बाद मरीज को एयरलिफ्ट किया।

लॉन्ग शॉट में देखिए मरीज को एयरलिफ्ट कैसे किया गया।
इतनी ऊंचाई पर उड़ान के लिए हेलिकॉप्टर से भारी सामान हटाए
18,600 फीट की ऊंचाई पर हवा का दबाव कम होने से इंजन की क्षमता और रोटर से मिलने वाली लिफ्ट घट जाती है। इस स्थिति में उड़ान भरने के लिए हेलिकॉप्टर से सभी गैर-जरूरी उपकरण हटा दिए गए।
हेलिकॉप्टर में केवल सीमित ईंधन रखा गया, ताकि लिफ्ट क्षमता बढ़ाई जा सके। साथ ही, मरीज को निकालने का अभियान पूरा करने के लिए जरूरी दूरी तय करने जितना ईंधन बचा रहे।
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