नेपाल त्रासदीः नदियों के किनारे लाशों के ढेर, मंडरा रहा महामारी का खतरा; अलर्ट जारी, International Hindi News

नेपाल त्रासदीः नदियों के किनारे लाशों के ढेर, मंडरा रहा महामारी का खतरा; अलर्ट जारी, International Hindi News

नेपाल में भोटेकोशी नदी का पानी कम होने के बाद किनारे पर लाशों के ढेर पाए जा रहे हैं। ये शव अब सड़ने की स्थिति में हैं। ऐसे में उन्हें बड़ा गड्ढा खोदकर सामूहिक रूप से दफनाया जा रहा है।

नेपाल त्रासदीः नदियों के किनारे लाशों के ढेर, मंडरा रहा महामारी का खतरा; अलर्ट जारी, International Hindi News

नेपाल में जारी किया गया गंभीर बीमारयों का अलर्ट, जल्दी-जल्दी दफनाए जा रहे शव।

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 939 हो गई जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं। नदियों के किनारे अब एक साथ कई लाशें मिल रही हैं। ये शव अब सड़ने की स्थिति में हैं। ऐसे में महामारी का भी खतरा मंडरा रहा है। शवों को बड़े गड्ढे खोदकर दफानाया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने बताया है कि दफनाने से पहले उनका डीएनए सैंपल लिया जा रहा है। ताकि अगर संभव हो तो परिजनों को इसकी सूचना दे दी जाए। प्रशासन ने लोगों को सावधान किया है कि वे नदियों का पानी ना पिएं और ना ही बाढ़ प्रभावित इलाकों की खाने-पीने वाली चीजों का इस्तेमाल करें। प्रशासन का कहना है कि गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है जो कि महामारी का रूप ले सकती है। इसलिए शवों को जल्दी दफनाना जरूरी है।

ग्लेशियर टूटने से आई आपदा

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के टूटने के कारण 26 अगस्त को आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया था। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को अपने साथ नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा।

सुरंग में करना पड़ा विस्फोट

एक स्थान पर बचाव दलों को बंद सुरंग तक पहुंचने में परेशानी हुई, जिसके बाद नियंत्रित विस्फोट किया गया। इन अभियानों में भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें बचाव दलों की सहायता कर रही हैं।नेपाल ने सुरंगों में बचाव कार्य और फोरेंसिक जांच के लिए विशेष उपकरणों व तकनीकी सहायता समेत अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी है।

शवों की पहचान भी मुश्किल

नेपाल के अस्पतालों में अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश करने वाले लोगों की भीड़ उमड़ रही है। अब ध्यान तेजी से मृतकों की पहचान करने पर केंद्रित हो गया है। अस्पतालों की दीवारों के बाहर तस्वीरें चिपकाई गई हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखकर अपने परिजन को पहचानने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार तक बरामद सैकड़ों शवों में से केवल कुछ दर्जन शवों की ही पहचान हो पाई थी। अधिकारियों ने कहा कि कई शव लंबे समय तक बाढ़ के पानी में रहने के कारण बुरी तरह क्षत-विक्षत हैं और उन्हें पहचानना मुश्किल है।

नेपाल बचाव और राहत कार्यों के साथ-साथ गलत सूचनाओं से भी जूझ रहा है। भीषण बाढ़ के बाद सोशल मीडिया पर फर्जी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाए गए वीडियो और तस्वीरें बड़ी संख्या में फैल गईं, जिसके बाद सरकार ने पिछले कुछ दिनों में 72 उपयोगकर्ताओं को अनुचित सामग्री हटाने का आदेश दिया है।

‘द काठमांडू पोस्ट’ ने सोमवार को यह जानकारी दी कि नेपाल के मीडिया नियामक निकाय नेपाल प्रेस काउंसिल ने “भोटेकोशी घटना पर विशेष शिकायत” नाम से एक पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से लोग आपदा से जुड़ी गलत सूचनाओं और आपत्तिजनक सामग्री की शिकायत कर सकते हैं।

Source link
#नपल #तरसद #नदय #क #कनर #लश #क #ढर #मडर #रह #महमर #क #खतर #अलरट #जर #International #Hindi #News

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *