साइबर ठगी के लिए दूसरे लोगों के बैंक खाते किराए पर लेने और उन्हें आगे बेचने वाले गिरोह का एरोड्रम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह जा…और पढ़ें

HighLights
- म्यूल अकाउंट बेचने-खरीदने का नेटवर्क
- मजदूर और रैपिडो चालकों के आठ खातों में पहुंचाई ठगी की रकम
- 15 संदिग्ध चिन्हित, चार गिरफ्तार
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : साइबर ठगी के लिए दूसरे लोगों के बैंक खाते किराए पर लेने और उन्हें आगे बेचने वाले गिरोह का एरोड्रम पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह जामताड़ा की तर्ज पर म्यूल अकाउंट का नेटवर्क चला रहा था। गरीब मजदूरों और रैपिडो चालकों के बैंक खातों को निशाना बनाकर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाई जाती और फिर उसे निकालकर आगे ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने गिरोह के 15 सदस्यों को चिन्हित किया है, जबकि पहली कार्रवाई में चार आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं।
17 लाख रुपये की साइबर ठगी का केस दर्ज हुआ था
डीसीपी जोन-1 नरेंद्र रावत के मुताबिक जून में नितेश दवे की शिकायत पर 17 लाख रुपये की साइबर ठगी का केस दर्ज हुआ था। नितेश ने फेसबुक पर ट्रेडिंग कंपनी विस्टा ग्लोबल का विज्ञापन देखा था। इसके बाद उसे टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर क्रिप्टो करेंसी और फारेक्स ट्रेडिंग के नाम पर रकम जमा कराई गई।
खाते में आई रकम निकाली गई और उसे यूएसडीटी में निवेश किया गया
जांच में पुलिस उस बैंक खाते तक पहुंची, जिसमें ठगी की रकम पहुंची थी। खाता भावेश के नाम पर मिला। पूछताछ में उसने बताया कि उसने खाता ऋषभ यादव को दे दिया था। करंट अकाउंट के साथ चेकबुक, पासबुक और बैंक में रजिस्टर्ड सिम तक सौंप दी गई थी। इसके बाद खाते में आई रकम निकाली गई और उसे यूएसडीटी में निवेश किया गया।
पुलिस ने ऐसे आठ बैंक खातों की जानकारी जुटाई है
पुलिस ने ऐसे आठ बैंक खातों की जानकारी जुटाई है, जिनमें साइबर ठगी की रकम पहुंची। जांच में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। पुलिस का कहना है कि खाता खोलने की प्रक्रिया में आरबीआइ की गाइडलाइन के उल्लंघन की आशंका है। संबंधित बैंक अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
Source link
#इदर #म #जमतड #क #तरज #पर #सइबर #गग #क #खल #बक #खत #क #मड #म #गरब #बन #रह #महर


