घर के बाहर ‘आईएएस राज सोनी, जिला कलेक्टर’ की नेमप्लेट, आने-जाने के लिए 2500 प्रतिदिन किराये की कार और ड्राइवर और वाहन चालकों के बीच रौब ऐसा कि कुछ ही …और पढ़ें

HighLights
- ओमेक्स सिटी में 15 हजार माह के किराये के मकान में रह रहा था
- ढाई हजार रुपये रोज में कार और ड्राइवर रखा
- एक महीने से इंदौर में रह रहा यह शख्स पुलिस के हत्थे चढ़ गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : घर के बाहर ‘आइएएस राज सोनी, जिला कलेक्टर’ की नेमप्लेट, आने-जाने के लिए 2500 प्रतिदिन किराये की कार और ड्राइवर और वाहन चालकों के बीच रौब ऐसा कि कुछ ही दिनों में पोस्टिंग मिलने की बात कहकर उन्हें स्थायी नौकरी का भरोसा देने लगा। करीब एक महीने से इंदौर में रह रहा यह शख्स बुधवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। लसूड़िया पुलिस ने उसे फर्जी आईएएस बनकर घूमने के आरोप में पकड़ा है।
एसीपी पराग सैनी के अनुसार आरोपित का असली नाम हिमांशू पंचाल पुत्र योगेश भाई निवासी अहमदाबाद (गुजरात) है। वह करीब एक महीने पहले अपनी मां के साथ इंदौर आया था और ओमेक्स सिटी में 15 हजार रुपये महीने किराये का मकान लिया था। उसने अपनी पहचान आइएएस अधिकारी के रूप में बताई और घर के बाहर आइएएस राज सोनी (जिला कलेक्टर) के नाम की नेमप्लेट तक लगा रखी थी।
वाहन चालकों को बताता था ‘जल्द होगी पोस्टिंग’
हिमांशू वाहन चालकों से लगातार संपर्क में रहता था और उन्हें बड़ी-बड़ी बातें बताता था। वह चालकों को जल्द ही स्थायी करने का प्रलोभन देता और कहता था कि उसकी कुछ ही दिनों में पोस्टिंग होने वाली है। इसी दौरान उसने बायपास स्थित एक सितारा होटल में वाहन चालकों और उनके परिवारों के लिए पार्टी भी रखी।
पार्टी के बाद होटल का करीब 16 हजार रुपये का बिल बना। हिमांशू ने होटल के रजिस्टर में रिव्यू लिखते हुए नाम ‘आइएएस राज सोनी’ दर्ज कर दिया। जब होटल प्रबंधन ने भुगतान मांगा तो उसने कहा कि उसका पीए बिल का भुगतान कर देगा। आइएएस अधिकारी समझकर होटल प्रबंधन ने तत्काल कोई विवाद नहीं किया, लेकिन उसके व्यवहार पर शक होने के बाद पुलिस को सूचना दे दी।
होटल की सूचना पर खुला फर्जीवाड़ा
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हिमांशू की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद बुधवार को एसीपी पराग सैनी और टीआइ राजकुमार यादव की टीम ने उसके ठिकाने पर दबिश दी और उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान हिमांशू पंचाल के रूप में सामने आई।
पुलिस के मुताबिक हिमांशू ने खुद को आइएएस बताकर न केवल घर के बाहर कलेक्टर के नाम की प्लेट लगा रखी थी, बल्कि कार और ड्राइवर के जरिए भी अधिकारी वाला रौब दिखाता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने इंदौर में किस-किस व्यक्ति को अपनी फर्जी पहचान से प्रभावित किया और इस दौरान किसी से रुपये या अन्य लाभ तो नहीं लिया।
गुजरात में भी थानेदार बनकर वसूली का आरोप
पुलिस के अनुसार हिमांशू का आपराधिक अतीत भी सामने आया है। वह गुजरात में पूर्व में थानेदार बनकर अवैध वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। एसीपी के मुताबिक आरोपित ने आइटी सेक्टर में काम किया है। करीब एक महीने पहले ही वह अपनी मां के साथ इंदौर आया था।
हिमांशू ने घर में सिलिंग में रूई लगाकर रुम को बादल की तरह सजा रखा था। उसमें उसने आरजीवी लाइट लगा रखी थी। जगह जगह आइएएस लिखी हुई फोटो लगी थी। पुलिस फिलहाल हिमांशू से पूछताछ कर रही है।
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