Janmashtami 2026 Live:श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व आज, जानें पूजा मुहूर्त से लेकर लड्डू गोपाल के भोग तक सबकुछ – Shree Krishna Janmashtami 2026 Date And Time Puja Shubh Muhurat Samagri Mantra And Wishes In Hindi

Janmashtami 2026 Live:श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व आज, जानें पूजा मुहूर्त से लेकर लड्डू गोपाल के भोग तक सबकुछ – Shree Krishna Janmashtami 2026 Date And Time Puja Shubh Muhurat Samagri Mantra And Wishes In Hindi

09:06 AM, 04-Sep-2026

क्या जरूरी है छप्पन भोग लगाना?

जन्माष्टमी पर छप्पन भोग लगाने की परंपरा काफी प्रसिद्ध है। हालांकि हर घर में 56 तरह के पकवान बनाना आवश्यक नहीं माना जाता। भक्त अपनी क्षमता के अनुसार एक या कुछ सात्विक व्यंजन भी श्रद्धा से भगवान को अर्पित कर सकते हैं। भोग में संख्या से अधिक श्रद्धा और भावना को महत्व दिया जाता है।

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08:51 AM, 04-Sep-2026

Krishna Janmashtami 2026: क्या जन्माष्टमी के व्रत में निर्जल रहना जरूरी है?

जन्माष्टमी के व्रत को कई धार्मिक परंपराओं में निर्जल और निराहार रखने का उल्लेख मिलता है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए ऐसा व्रत रखना संभव नहीं होता। व्रत की कठोरता व्यक्ति की क्षमता और पारिवारिक परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है। जो लोग निर्जल या निराहार व्रत नहीं रख सकते, वे अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार कर सकते हैं। धार्मिक व्रत में श्रद्धा और संकल्प को महत्व दिया जाता है, इसलिए अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखते हुए व्रत रखना चाहिए।

 

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08:29 AM, 04-Sep-2026

जन्माष्टमी व्रत के दौरान क्या खाना चाहिए

– जन्माष्टमी व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। आमतौर इस व्रत में अन्न और अनाज का सेवन करने से बचना चाहिए। इस व्रती लोगो अपनी क्षमता और परंपरा के अनुसार निर्जला व्रत या फिर फलाहार कर सकते हैं। 

– इस व्रत में केला, सेब, अनार, पपीता, नाशपाती जैसे फल, दूध-दही, मखाना, साबूदाना, सूखे मेवे, सिंघाड़ा का आटा, आलू, शकरकंद, सेंधा नमक आदि का सेवन कर सकते हैं। 

08:13 AM, 04-Sep-2026

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी का व्रत कब से शुरू माना जाता है?

जन्माष्टमी व्रत की तैयारी एक दिन पहले से शुरू करने की परंपरा है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को जन्माष्टमी से एक दिन पहले सात्विक भोजन करना चाहिए और खान-पान में संयम बरतना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत की अवधि में मन को शांत और भगवान की भक्ति में लगाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए व्रत से पहले ही अपनी दिनचर्या को संयमित रखना बेहतर होता है।

07:53 AM, 04-Sep-2026

Krishna Janmashtami 2026: ऐसे सजाएं कान्हा की झांकी

घर में झांकी बनाने के लिए सबसे पहले पूजा स्थल या किसी साफ जगह की अच्छी तरह सफाई करें। एक छोटी चौकी पर पीला, लाल या सफेद कपड़ा बिछाकर बाल गोपाल को विराजमान करें। झांकी को सजाने के लिए पालना, झूला, मोरपंख, बांसुरी, फूल और छोटे मिट्टी के दीपक इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

अगर घर में पर्याप्त जगह है तो गोकुल या नंद भवन की थीम पर छोटा-सा दृश्य बनाया जा सकता है। इसके लिए मिट्टी की मटकियां, छोटे बर्तन, गाय-बछड़े की प्रतिमाएं और फूलों का इस्तेमाल करें। भगवान के जन्म के समय परिवार के सदस्य मिलकर पालना झुला सकते हैं।

07:35 AM, 04-Sep-2026

Krishna Janmashtami 2026: क्या है लड्डू गोपाल के श्रृंगार और पूजा की विधि ?

Janmashtami 2026 Live:श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व आज, जानें पूजा मुहूर्त से लेकर लड्डू गोपाल के भोग तक सबकुछ – Shree Krishna Janmashtami 2026 Date And Time Puja Shubh Muhurat Samagri Mantra And Wishes In Hindi

Krishna Janmashtami 2026
– फोटो : अमर उजाला

  • मध्यरात्रि की पूजा से पहले पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ कर लें। 
  • अब कान्हा जी का पंचामृत से अभिषेक करें और फिर गंगाजल से स्नान कराएं।
  • अभिषेक के बाद लड्डू गोपाल को किसी साफ और मुलायम कपड़े से धीरे से पोंछें। 
  • लड्डू गोपाल जी को पोशाक पहनाएं और उन्हें मुकुट, मोरपंख, कुंडल, काजल, इत्र, माला और पायल आदि पहनाएं। 
  • इसके अलावा चंदन या तिलक लगाएं और उन्हें फूलों से सजाएं।
  • लड्डू गोपाल को सुंदर झूले में विराजमान करें और धीरे-धीरे झूला झुलाते हुए जन्मोत्सव के गीत और भजन गा सकते हैं।
  • अब आप कान्हा जी को माखन-मिश्री का भोग जरूर लगाएं। 
  • भोग लगाने के बाद भगवान श्रीकृष्ण की विधि-विधान से आरती करें। 
  • आरती के बाद परिवार के सभी सदस्य भगवान से सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करें।

07:16 AM, 04-Sep-2026

Krishna Janmashtami 2026: 4 सितंबर 2026 का शुभ चौघड़िया

जन्माष्टमी के दिन पूजा-पाठ या धार्मिक कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ चौघड़िया का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 4 सितंबर को प्रमुख शुभ समय इस प्रकार बताए गए हैं:

  • लाभ चौघड़िया: सुबह 7:35 बजे से 9:10 बजे तक।
  • अमृत चौघड़िया: सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक।
  • शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:20 बजे से 1:55 बजे तक।
  • निशीथ काल: रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक।

06:59 AM, 04-Sep-2026

Janmashtami 2026: बाल गोपाल को भोग लगाने के नियम

जन्माष्टमी पर बाल गोपाल को भोग अर्पित करते समय शुद्धता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखने की परंपरा है। भगवान श्रीकृष्ण को बाल रूप में माखन-मिश्री समेत कई सात्विक चीजें प्रिय मानी जाती हैं।

  • बाल गोपाल को हमेशा सात्विक और शुद्ध भोजन का भोग लगाएं।
  • भोग तैयार करते समय साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें।
  • भोग रखने वाले बर्तनों को अच्छी तरह साफ करके ही इस्तेमाल करें।
  • भोग में मिठाई या अन्य मीठे पकवान शामिल किए जा सकते हैं।
  • भगवान को अर्पित किए जाने वाले जल और भोग में तुलसी दल जरूर रखें।
  • बाल गोपाल को जल अर्पित करने के लिए स्वच्छ पात्र का इस्तेमाल करें।
  • जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में माखन-मिश्री का भोग लगाना विशेष परंपरा मानी जाती है।

06:40 AM, 04-Sep-2026

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर ऐसे करें बाल गोपाल की पूजा

 

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जन्माष्टमी पर बाल गोपाल की विधिपूर्वक पूजा करने से भक्त को भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूजा के लिए पहले घर के मंदिर और पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें। भगवान के स्वागत के लिए घर और मंदिर को फूलों, रोशनी और रंगोली से सजाया जा सकता है।
  • पूजा की तैयारी के लिए आसन, झूला, पाद्य, पंचामृत, आचमन के लिए जल, स्नान सामग्री, फूल, धूप, दीप और भोग आदि सामग्री रख सकते हैं। पूजा की सभी वस्तुएं स्वच्छ होनी चाहिए।
  • जन्माष्टमी के दिन सुबह स्नान करके पूजा और भगवान श्रीकृष्ण के ध्यान से दिन की शुरुआत करें। रात में पूजा स्थल को सुंदर तरीके से सजाएं और भगवान के जन्म के समय यानी निशीथ काल में दीप प्रज्वलित करके जन्मोत्सव मनाएं।
  • सबसे पहले चौकी पर स्वच्छ वस्त्र बिछाएं और उस पर बाल गोपाल को विराजमान करें। इसके बाद उन्हें पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं। स्नान के बाद भगवान को साफ एवं नए वस्त्र पहनाएं। उन्हें तिलक लगाएं और फूल, तुलसी दल आदि अर्पित करें।
  • इसके बाद बाल गोपाल को माखन-मिश्री और अन्य सात्विक पकवानों का भोग लगाएं। भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें। धूप और दीप जलाकर भगवान श्रीकृष्ण की आरती करें और श्रद्धापूर्वक उनका ध्यान करें।

06:26 AM, 04-Sep-2026

मथुरा, उत्तर प्रदेश: जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में मंगला आरती और विशेष पूजा की जा रही है।



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