आयुष आनंद, पानीपत13 घंटे पहले
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विजेता दहिया ने अपने मोबाइल में धमकी भरे वॉयस नोट दिखाए हैं। उन्हें धमकी देने वाला प्रिंस गौर।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता विजेता दहिया ने बड़ा दावा किया है। दहिया ने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें पॉडकास्ट के बहाने दिल्ली के जाफराबाद में बुलाया। वहां कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और सोशल मीडिया पर उनके भगवान व धर्म से जुड़े कंटेंट को लेकर सवाल-जवाब किए।
विरोध करने पर कॉलर पकड़कर ‘टुकड़े-टुकड़े करने’ की धमकी दी गई। साथ ही 24 घंटे में हाथ जोड़कर माफी मांगने का वीडियो डालने का दबाव बनाया गया। घटना के बाद 3 सितंबर शाम को दहिया ने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी किया। जिसमें कहा- मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं। मेरे अपने ऊपर हमले की चल रही अफवाहों को भी खारिज करता हूं।
अपने साथ हुए घटनाक्रम के संबंध में 31 अगस्त को बेगमपुर थाने में शिकायत दी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में दहिया ने बताया कि पुलिस को शिकायत देने के बाद भी उनके पास 1 व 2 सितंबर को धमकी भरे वॉयस नोट आए। जिसको लेकर 2 सितंबर को फिर पुलिस को शिकायत दी।
दहिया मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के हैं। जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान बर्गर खाने का वीडियो सामने आने के बाद प्रवक्ता पद से हटा दिया गया था।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ विजेता दहिया। कॉकरोच जनता पार्टी ने विजेता दहिया, आशुतोष रांका व सौरव दास को प्रवक्ता बनाया था। बाद में दहिया को हटा दिया गया था।
जानिये…दहिया ने वीडियो में क्या बातें कहीं…
- पॉडकास्ट के बहाने दिल्ली बुलायाः विजेता दहिया के अनुसार, 5 अगस्त को रोहित नाम के व्यक्ति ने खुद को प्रिंस गौर की टीम का सदस्य बताते हुए उनसे वॉट्सएप पर संपर्क किया था। इसके बाद 31 अगस्त की शाम करीब 4 बजे वह इंटरव्यू के लिए जाफराबाद की डीडीए कॉलोनी पहुंचे।
- पार्क में ले जाकर धमकायाः दहिया का आरोप है कि वहां उन्हें इंटरव्यू के लिए किसी स्टूडियो की बजाय एक पार्क में ले जाया गया। कुछ लोगों ने उनके पुराने सोशल मीडिया कंटेंट और विचारों को लेकर सवाल किए। दहिया ने जब स्पष्ट किया कि वह सिर्फ तार्किक और सुधारात्मक बातें करते हैं। जब वह वहां से जाने लगे, तो उनके साथ कथित तौर पर जबरदस्ती की गई। इस दौरान उनका कॉलर पकड़ा गया और टुकड़े-टुकड़े करने की धमकी देकर 24 घंटे में माफी मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने का दबाव बनाया गया।
- ई-रिक्शा से भागा, मेट्रो स्टेशन तक पीछा कियाः दहिया के मुताबिक, वह किसी तरह वहां से निकलकर ई-रिक्शा और ऑटो से जाफराबाद मेट्रो स्टेशन की ओर गए। उनका आरोप है कि संदिग्धों ने मेट्रो स्टेशन तक उनका पीछा किया। इसके बाद 1 व 2 सितंबर को वॉट्सएप पर उन्हें कई धमकी भरे वॉइस नोट और मैसेज भी भेजे गए। घटना के बाद 2 सितंबर को बेगमपुर थाने में फिर शिकायत दी। प्राथमिक जांच के बाद शिकायत को जाफराबाद थाने में ट्रांसफर किया गया। शिकायत में प्रिंस गौर, रोहित, मुकेश जैन व अन्य नाम हैं।

विजेता दहिया के आपबीती वाले वीडियो के कुछ देर बाद प्रिंस गौर नाम के अकाउंट से जवाबी वीडियो शेयर किया गया। अकाउंट प्रोफाइल में भारतीय सनातन धर्म लिखा है।
प्रिंस का जवाबी वीडियो-भगवान को गाली देता है
विजेता दहिया के वीडियो जारी कर आपबीती बताने के कुछ घंटे बाद ही प्रिंस गौर नाम के अकाउंट से जवाबी वीडियो जारी हुआ। जिसमें उसने पूरी घटना की जिम्मेदारी लेते हुए कहा-मैंने उसे समझाया था कि तू भगवान को गाली मत दे, लेकिन वो नहीं माना और अब जो शुरू तूने किया था उस पर पूर्णविराम हम लगाएंगें। और ऐसा लगाएं कि एक एग्जांपल सेट हो जाएगा।
इससे पहले प्रिंस की ओर से विजेता दहिया को 1 व 2 सितंबर को 4 वॉयस नोट भेजे गए। जिनमें घर से उठाने लेने की धमकी समेत गाली-गलौज किया गया। एक वॉयस नोट में सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल का जिक्र लेते हुए कहा-हमने रामपाल को 17 बार समझाया था, लेकिन वो नहीं माना। फिर उसके साथ जो किया उसकी बात पूरा इंस्टाग्राम कर रहा है।

सोशल मीडिया में वायरल हुए बर्गर खाने के वीडियो के बाद दहिया को प्रवक्ता पद से हटाया गया था।
जानिए कौन हैं…विजेता दहिया जो CJP के 48 दिन प्रवक्ता रहे
सोनीपत निवासी विजेता दहिया ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया है। यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ करीब 5 साल तक रिसर्चर और स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर काम किया। दो हरियाणवी फिल्मों ओपरी-पराई और दरारें से भी जुड़े रहे। दो किताबें लिख चुके हैं- Power of Universe और To Hell With That Job। उनकी हिंदी किताब ‘भाड़ में जाए नौकरी’ में करियर से जुड़े अनुभवों, संघर्ष और जीवन में लिए गए फैसलों का जिक्र है। इंस्टा पर 3.75 लाख फॉलोअर्स हैं।
विजेता को 3 जून 2026 में CJP का आधिकारिक प्रवक्ता बनाया था। पार्टी की ओर से मीडिया में पक्ष रखने और विभिन्न आंदोलनों में संगठन का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई। हालांकि, दिल्ली में संसद मार्च के दौरान मेट्रो और कार में बर्गर खाते हुए उनके वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी ने उन्हें असंवेदनशील व्यवहार का हवाला देते हुए 21 जुलाई को पद से हटा दिया था। यानी कुल 48 दिन प्रवक्ता पद पर रहे।
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