मेघ बरसे तो फसलों ने ली राहत की सांस, इंदौर सहित मालवा-निमाड़ के कई जिलों में वर्षा से खरीफ फसलों को मिला संबल

टीम नईदुनिया, मालवा-निमाड़ : मानसून की खेंच के बीच गुरुवार देर रात से शुक्रवार तक मालवा-निमाड़ के कई जिलों में वर्षा होने से फसलों को राहत मिली है।

लंबे अंतराल के बाद इंदौर में भी मेघ बरसे, जबकि देवास, शाजापुर, खरगोन, मंदसौर और नीमच में अलग-अलग स्थानों पर अच्छी वर्षा दर्ज की गई। हालांकि आलीराजपुर सहित कुछ जिलों में अब भी वर्षा का आंकड़ा पिछले वर्ष और सामान्य स्तर से काफी पीछे है। किसानों को उम्मीद है कि मानसून की सक्रियता बनी रही तो खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा।

इंदौर : आठ दिन बाद हुई वर्षा

वर्षा को तरस रहे इंदौर शहर में आठ दिन बाद मेघ मेहरबान हुए। गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक हुई वर्षा में रीगल क्षेत्र में पांच घंटे में 23 मिमी और एयरपोर्ट क्षेत्र में 17.8 मिमी पानी बरसा। शहर में अब तक 483.2 मिमी वर्षा हुई है। सांवेर में 22.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

देवास-शाजापुर : किसानों की उम्मीद बढ़ी

देवास में 24 घंटे में औसत 9.78 मिमी वर्षा हुई। कन्नौद में 34 और टोंकखुर्द में 19 मिमी पानी बरसा। शाजापुर में मानसून की सक्रियता बनी हुई है और अब तक 597.5 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से अधिक है। इससे किसानों की उम्मीदें बढ़ी हैं।

खरगोन : 15 दिन बाद बूंदाबांदी

खरगोन में 24 घंटे में 48 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। कसरावद में 14, भीकनगांव में 10 और गोगावां में आठ मिमी पानी बरसा। जिला मुख्यालय पर 15 दिन की खेंच के बाद बूंदाबांदी हुई। जिले में अब तक 642.62 मिमी वर्षा हो चुकी है।

मंदसौर-नीमच : रिमझिम का दौर जारी

मंदसौर में गुरुवार रात से अलग-अलग स्थानों पर वर्षा हो रही है। भानपुरा में 23.2 और कायमपुर में 22 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नीमच में भी रिमझिम का दौर जारी है, जहां सिंगोली में 19.4 मिमी पानी बरसा।

खंडवा-बुरहानपुर : बादलों का डेरा, वर्षा सीमित

खंडवा में 24 घंटे में केवल 2.6 मिमी औसत वर्षा हुई। जिले में अब तक 607 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बुरहानपुर में दो दिन से बादल छाए हैं, लेकिन वर्षा नहीं हुई। हालांकि जिले में अब तक 703.8 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है और फिलहाल फसलों को नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

आलीराजपुर : वर्षा की कमी से चिंता

आलीराजपुर में एक जून से अब तक केवल 406.7 मिमी वर्षा हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में आधे से भी कम है। वर्षा की कमी का असर फसलों पर पड़ रहा है और किसानों को अच्छी वर्षा का इंतजार है।

आगे छिटपुट वर्षा की संभावना

भोपाल स्थित मौसम केंद्र के अनुसार मानसून द्रोणिका और अरब सागर से मिल रही नमी के प्रभाव से इंदौर में वर्षा हुई। अगले दो से तीन दिनों तक शहर में छिटपुट वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है।

इंदौर : एक माह में चौथी बार 15 मिमी से ज्यादा वर्षा

  • 1 अगस्त : 15.9 मिमी
  • 12 अगस्त : 16.5 मिमी
  • 26 अगस्त : 44 मिमी
  • 4 सितंबर : 17.6 मिमी

एक नजर

  • 7% कम वर्षा प्रदेश में अब तक के औसत से
  • 3% अधिक वर्षा पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से
  • 15% कम वर्षा पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से

इंदौर संभाग में वर्षा का घाटा

(कहां कितने प्रतिशत कम बारिश)

  • 53% ↓ आलीराजपुर
  • 40% ↓ धार
  • 37% ↓ रतलाम
  • 35% ↓ झाबुआ
  • 28% ↓ उज्जैन
  • 27% ↓ इंदौर
  • 27% ↓ शाजापुर
  • 18% ↓ मंदसौर
  • 15% ↓ बड़वानी
  • 11% ↓ देवास

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