शिक्षकों से मिले पीएम मोदी:पूछा- अच्छा वक्ता बनने के लिए क्या करूं; शिक्षिका के जवाब पर खूब हंसे प्रधानमंत्री – Pm Modi Asks National Awardee Teacher For Public Speaking Tips, Gets Confidence And Practice Advice

शिक्षकों से मिले पीएम मोदी:पूछा- अच्छा वक्ता बनने के लिए क्या करूं; शिक्षिका के जवाब पर खूब हंसे प्रधानमंत्री – Pm Modi Asks National Awardee Teacher For Public Speaking Tips, Gets Confidence And Practice Advice

पीएम मोदी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों से शुक्रवार को मुलाकात की। उन्होंने इस बातचीत का एक वीडियो भी जारी किया। और एक्स अकाउंट पर लिखा कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के समाज में महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने का अवसर है। यह दिन भारत के महान शिक्षाविद और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने के लिए भी मनाया जाता है। आइए, जानते हैं पीएम मोदी ने शिक्षकों से किन-किन मुद्दों पर बात की।

इस दौरान उन्होंने एक शिक्षिका से अपने सार्वजनिक भाषण कौशल को बेहतर बनाने का सुझाव मांगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगर मैं आपका विद्यार्थी होता और एक कुशल वक्ता बनना चाहता, तो आप मुझे क्या सुझाव देतीं? मुझे क्या करना चाहिए? इस सवाल के जवाब में अध्यापिका ने कहा कि आपको पहले कॉन्फिडेंस होना है। इसके बाद वहां मौजूद सभी शिक्षिक हंसने लगे। इस खुशनुमा माहौल में पीएम मोदी भी हंसने लगे। इसके बाद शिक्षिका ने कहा हंसते हुए कहा कि सर, आपका औरा इतना देखकर मुझे ही डाउट हो गया।

शिक्षकों से मिले पीएम मोदी:पूछा- अच्छा वक्ता बनने के लिए क्या करूं; शिक्षिका के जवाब पर खूब हंसे प्रधानमंत्री – Pm Modi Asks National Awardee Teacher For Public Speaking Tips, Gets Confidence And Practice Advice


शिक्षिका ने अच्छा वक्ता बनने के लिए क्या मंत्र दिया?

इसके बाद शिक्षिका ने कहा कि अच्छी बोलने की क्षमता केवल जन्मजात गुण नहीं है, बल्कि इसे अभ्यास से बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने आत्मविश्वास को सबसे पहली जरूरत बताया और कहा कि लगातार अभ्यास करने से आत्मविश्वास आता है। प्रधानमंत्री ने इस जवाब को शिक्षकों के साथ अपनी बातचीत का हिस्सा बनाया। इसके बाद उन्होंने बच्चों और शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने खास तौर पर बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर चिंता जताई और कहा कि यह अब एक तरह की लत बनता जा रहा है।

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पीएम मोदी ने बच्चों पर नशे के खतरे को लकेर क्या अपील की?


  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों को नशे के खतरे और उसके बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक करें।

  • पीएम मोदी ने कहा कि बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कोई बच्चा नशे की चपेट में कैसे आया। ऐसे में शिक्षकों को जागरूकता फैलाने की पहल करनी चाहिए।

  • प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों के व्यवहार में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी बारीकी से नजर रखें, ताकि किसी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।


बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बनता जा रहा है। उनके अनुसार बच्चों की रुचि खेलों में बढ़ाई जानी चाहिए। यहां खेल से उनका मतलब वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान पर जाकर खेलने से था। उन्होंने कहा कि बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर उनका ध्यान स्क्रीन से हटाया जा सकता है। साथ ही ऐसे कार्यक्रमों को आदत बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए, जो बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा दें।

ड्रेस कोड और बच्चों की जिंदगी पर पीएम मोदी ने शिक्षकों को क्या संदेश दिया?


  • पीएम मोदी ने कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में सामने आए ड्रेस कोड के मुद्दे पर भी बात की। 

  • उन्होंने कहा कि कई बार नियमों को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं होती और कभी-कभी बिना समझाए नियम लागू कर दिए जाते हैं। 

  • उन्होंने शिक्षकों से कहा कि उन्हें ऐसे फैसलों से जुड़ी चिंताओं और उनके असर को समझना चाहिए और यह देखना चाहिए कि बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव तो नहीं आ रहा।

  • पीएम मोदी ने आगे कहा कि शिक्षकों को केवल किताबों और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बच्चों की जिंदगी से जुड़ना चाहिए।

  • उन्होंने शिक्षकों से बात करते हुए यह भी कहा कि बचपन को खत्म नहीं होने देना चाहिए और बच्चों के बचपन को बचाए रखने में शिक्षक की बड़ी भूमिका है।

काशी में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का भी किया जिक्र?

पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान काशी के सांसद रहते हुए शुरू किए गए स्तन कैंसर जागरूकता अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं खुद आगे आकर जांच कराने लगी हैं, जबकि पहले स्थिति ऐसी नहीं थी। उन्होंने एक ही दिन में सबसे ज्यादा लोगों की जांच किए जाने का विश्व रिकॉर्ड बनने को भी सकारात्मक अनुभव बताया। इस बातचीत में प्रधानमंत्री ने शिक्षा को बच्चों के जीवन, खेल, रचनात्मकता और स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों के भीतर सीखने और स्वस्थ तरीके से आगे बढ़ने का माहौल बनाने की जिम्मेदारी याद दिलाई।

 



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