साढ़े आठ हजार स्वच्छताकर्मी अवकाश पर थे, इंदौरियों ने खुद उठाई झाडू, चलाया ‘हम भी स्वच्छताग्रही’ अभियान

साढ़े आठ हजार स्वच्छताकर्मी अवकाश पर थे, इंदौरियों ने खुद उठाई झाडू, चलाया ‘हम भी स्वच्छताग्रही’ अभियान

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : इंदौरियों के लिए स्वच्छता एक आदत नहीं बल्कि एक संस्कार है। रविवार सुबह यह बात एक बार फिर सिद्ध हुई। शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले साढ़े आठ हजार से ज्यादा सफाई मित्र अवकाश पर थे, बावजूद इसके शहर रोजाना की तरह स्वच्छ नजर आया।

कहीं कोई गंदगी नहीं, स्वच्छता बनाए रखने को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं। ऐसा लग रहा था जैसे हर इंदौरी स्वच्छता बनाए रखने को लेकर संकल्पित है। हर हाथ ने झाडू थामी और सड़क पर उतर आए। दरअसल यह एक प्रयास भी है उन स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का जो साल के बाकी दिन शहर की स्वच्छता की बागडोर थामे रखते हैं।

हां हम भारत के सबसे स्वच्छ शहर से हैं

इन्हीं सफाई मित्रों के दम पर हर इंदौरी दुनियाभर में कह पाता है कि हां हम भारत के सबसे स्वच्छ शहर से हैं। हर साल गोगा नवमी के अगले दिन सफाई मित्रों को अवकाश देकर इंदौर सिर्फ उनके प्रति सम्मान व्यक्त नहीं करता बल्कि स्वच्छता को लेकर अपनी जागरूकता की अभिव्यक्ति भी करता है।

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महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त क्षितिज सिंघल, स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, निरंजन सिंह चौहान, कमल वाघेला, पार्षद रूपाली पेंढारकर एवं अन्य जन प्रतिनिधियों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने राजवाड़ा से हम भी स्वच्छताग्रही अभियान की शुरुआत की। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

इंदौरवासी शहर की सफाई व्यवस्था संभालते हैं

यह सिर्फ इंदौर में होता है कि यहां सफाई में जुटे अमले को सफाईकर्मी नहीं बल्कि स्वच्छता दीदी और सफाई मित्र जैसे सम्मानजनक और आत्मीय संबोधनों से पुकारा जाता है। गोगा नवमी के अगले दिन जब पूरे शहर में स्वच्छता दीदी और सफाई मित्र एक साथ अवकाश पर होते हैं, इंदौरवासी उन्हें सम्मान देने के लिए सड़क पर उतरते हैं, शहर की सफाई व्यवस्था संभालते हैं। वर्ष 2016 से यह सिलसिला चल रहा है।

हर साल की तरह इस बार भी राजवाड़ा से शुरू हुआ अभियान

हर साल की तरह इस साल भी सफाई अभियान राजवाड़ा से शुरू हुआ। महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने राजवाड़ा उद्यान और परिसर में झाडू लगाकर इसकी शुरुआत की। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं, रहवासी संगठनों एवं नागरिकों ने भी इस अभियान में सहभागिता की। इस अवसर पर महापौर परिषद सदस्य अश्विनी शुक्ल, निरंजनसिंह चौहान, पार्षद दल सचेतक कमल वाघेला, पार्षद रूपाली पेंढारकर, कंचन गिदवानी, अपर आयुक्त प्रखर सिंह सहित विभिन्न सामाजिक एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

पूरे शहर में चला अभियान

राजवाड़ा से सांकेतिक शुरूआत के बाद “हम भी स्वच्छताग्रही” अभियान शहर के विभिन्न वार्डों में चला। यहां रहवासी संगठन, बैंकिंग सेक्टर, सामाजिक संस्था, एनजीओ इत्यादि ने अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाकर गोगानवमी को स्वच्छता पर्व के रूप में मनाया।

सफाई मित्रों को सम्मान देने का तरीका है

वर्षभर हमारे सफाई मित्र किसी भी जलसा, जुलूस या शोभायात्रा के बाद सफाई का दायित्व निभाते हैं। गोगा जन्मोत्सव पर जब वे अवकाश पर रहते हैं तो यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि उनके सम्मान में हम सफाई अभियान का दायित्व निभाएं। जनप्रतिनिधि, निगम अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वयं सफाई कार्य कर इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। यही इंदौर के स्वच्छता माडल की असली पहचान है। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर

वर्ष 2016 से हुई शुरुआत

गोगा नवमी के अगले दिन स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के अवकाश की परंपरा तो दशकों पुरानी है, लेकिन इस दिन आमजन की सफाई में सहभागिता की शुरुआत वर्ष 2016 से हुई। इंदौर के इस नवाचार के प्रति कई अन्य शहर भी रूचि दिखा रहे हैं। उज्जैन ने तो इंदौर से प्रेरित होकर इसे शुरू कर भी दिया है।

यह हैं आंकड़े

  • 8500 से ज्यादा सफाई मित्र और स्वच्छता दीदी हैं इंदौर में
  • 22 जोन
  • 85 वार्ड
  • 22 सीएसआइ हैं शहर में
  • 44 सहायक सीएसआइ
  • 85 दारोगा
  • 170 सहायक दारोगा
  • 10 से ज्यादा स्वास्थ्य अधिकारी हैं
  • 25 स्वीपिंग मशीनों के माध्यम से होती है सफाई
  • 625 डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाहन हैं
  • 150 से ज्यादा ओपन वाहन हैं कचरा उठाने के लिए

सुबह 5 बजे मैदान में उतर जाते हैं सफाई मित्र और स्वच्छता दीदी

शहर में सफाई सुबह 6.30 बजे से शुरू हो जाता है, लेकिन स्वच्छता दीदी और सफाई मित्र को सुबह पांच बजे के लगभग ही अपने-अपने क्षेत्र में सफाई शुरू करना होती है। सुबह 6.30 बजे उनकी हाजिरी लगाती है। उनके सामने दोपहर दो बजे तक काम पूरा करने की चुनौती भी होती है। दोपहर तीन से रात 12 बजे तक दूसरी शिफ्ट के कर्मचारी सफाई व्यवस्था देखते हैं। कुछ क्षेत्रों में रात के समय भी सफाई जारी रहती है।

सात बजे से उठने लगता है कचरा

डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से रोजाना सुबह सात बजे से कचरा उठना शुरू हो जाता है। सामान्यत: एक क्षेत्र में एक बार कचरा उठाया जाता है। हालांकि कुछ व्यवसायिक क्षेत्रों में दो बार कचरा उठाने की व्यवस्था भी की गई है।

जनभागीदारी की वजह से हम लगातार नंबर वन हैं

जनभागीदारी और स्वच्छता के प्रति नागरिकों के व्यवहार के कारण ही इंदौर लगातार देश में स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है। रविवार को सफाई मित्र अवकाश पर थे, ऐसे में शहर को स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी थी। इसी भावना के साथ हमने “हम भी स्वच्छताग्रही” अभियान शुरू किया। इंदौर जनभागीदारी से चलता है और यही जनभागीदारी हमारी सबसे बड़ी ताकत है। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर

हम सभी ने अपना दायित्व निभाया, सम्मान व्यक्त किया

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