UP की '₹40 वाली शराब' ने 11 लोगों को मारा!:परिवार बोला- अपने बाल नोचे, पहचानना भूले, तड़प रहे थे; चिताएं देख रो पड़ा गांव

UP की '₹40 वाली शराब' ने 11 लोगों को मारा!:परिवार बोला- अपने बाल नोचे, पहचानना भूले, तड़प रहे थे; चिताएं देख रो पड़ा गांव

UP की '₹40 वाली शराब' ने 11 लोगों को मारा!:परिवार बोला- अपने बाल नोचे, पहचानना भूले, तड़प रहे थे; चिताएं देख रो पड़ा गांव


चाचा अपने बाल नोंच रहे थे, माथा पीट रहे थे। आंखें धुंधला गई थीं। हालत इतनी बिगड़ गई थी कि वे परिवार के लोगों को भी पहचान नहीं पा रहे थे, चाचा नीले पड़ गए थे…
यह बोलते हुए करतार सिंह लोधी की भतीजी कीर्ति लोधी भावुक हो गईं। शनिवार शाम शराब पीकर घर लौटे करतार कुछ देर बाद उल्टियां करने लगे। हालत बिगड़ने पर परिवार उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घुघरा खुर्द निवासी कीर्ति ने बताया कि परिवार उन्हें पहले भी शराब पीने से मना करता था, लेकिन वे नहीं माने। करतार चार भाइयों में सबसे छोटे थे। परिवार खेती करता है और उनके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार ने उन्हें तड़पते देखा। कीर्ति कहती हैं, “काश, वह शराब नहीं पीते। चाचा को हमने खो दिया।” शराब कांड में अब तक करीब 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। बंडा थाने में 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, जबकि विनायक थाने में 5 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR की गई है। साथ ही 5 अधिकारी भी सस्पेंड किए गए हैं। पढ़िए इस रिपोर्ट में शराब की सप्लाई कैसे होती थी, इसे कौन गांवों तक पहुंचाता था और शराब कहां तैयार होती थी? रात करीब 8 बजे बिगड़ी थी तबीयत मृतक के चाचा सरदार सिंह लोधी ने बताया- रात करीब 8 बजे उसकी तबीयत बिगड़ी। वह बार-बार बेहोश हो रहा था। बंडा अस्पताल से उसे सागर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह बताते-बताते सरदार सिंह भी फफक पड़े। शराब पीने के 20 मिनट बाद चक्कर, फिर उल्टियां नौराज निवासी कैलाश लोधी ने बताया- उसने शनिवार रात शराब पी थी। करीब 20 मिनट बाद चक्कर आने लगे। घर जाकर सो गया, लेकिन बाद में उल्टियां होने लगीं। गांव में जुझार सिंह के यहां से शराब खरीदी थी। शराब सागर गोल्ड ब्रांड की थी। क्वार्टर 90 रुपए में मिला था। अस्पताल में इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया। पहले इलाज कराया, सुबह फिर बिगड़ी हालत मृतक हरनाम राय के परिजन ने बताया कि शनिवार दोपहर उसकी तबीयत बिगड़ी थी। उल्टियां होने पर उसे बंडा अस्पताल लाया गया। बीपी नापा गया और इलाज के बाद परिवार उसे घर ले गया। रविवार सुबह करीब 6 बजे फिर हालत बिगड़ने लगी। उसे दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। शराब पीने के बाद शरीर नीला पड़ा मृतक सुमेर सिंह दांगी के चचेरे भाई रामकुमार दांगी ने बताया- बमूरा भेड़ा में शराब बिकती है। सुमेर ने शराब पी थी, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसका शरीर नीला पड़ गया था। अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रामकुमार के मुताबिक उसके साथ शराब पीने वाले अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ी और मौत हुई। नौराज में गली-गली बोतलें, ग्रामीणों ने बताए नाम नौराज के ग्रामीणों का दावा है कि गांव में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री होती रही है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव की गलियों और आसपास शराब की खाली बोतलें पड़ी हैं। उन्होंने जुझार सिंह सहित कुछ अन्य लोगों के शराब बेचने में शामिल होने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, सागर गोल्ड का क्वार्टर करीब 40 रुपए, जबकि बॉम्बे व्हिस्की का क्वार्टर 90 से 100 रुपए में बेचा जाता था। ज्यादातर लोगों ने 40 रुपए में ही क्वार्टर खरीदा था। हालांकि, शराब की कीमत और बिक्री को लेकर किए गए इन दावों की जांच में पुष्टि होना बाकी है। ततरवारा में वर्षों से अवैध शराब बनाने का दावा ग्रामीणों का कहना- ग्राम पंचायत ततरवारा में कई वर्षों से अवैध शराब बनाने और बेचने का काम चल रहा है। इसकी जानकारी पुलिस को भी है। उत्तर प्रदेश से आने वाली शराब के साथ ततरवारा में तैयार की जाने वाली शराब भी आसपास के गांवों में पहुंचती रही है। UP के ललितपुर से सागर तक जहरीली शराब का कनेक्शन? ललितपुर पुलिस की पूछताछ में नकली शराब के नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि वे रवि लखेरा, उसकी पत्नी शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा के साथ मिलकर नकली शराब तैयार करते थे। इसमें मिथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता था। असली ब्रांड जैसे नकली रैपर और ढक्कन लगाए जाते थे शराब की बोतलों को असली दिखाने के लिए आरोपियों ने पूरी पैकेजिंग की नकल की। बोतलों पर असली ब्रांड जैसे नकली रैपर और ढक्कन लगाए जाते थे। उन्हें सील कर दिया जाता था। इसके बाद बोतल पर फर्जी QR कोड लगाया जाता था, ताकि देखने पर पैकिंग असली शराब जैसी लगे और खरीदने वाले को नकली होने का शक न हो। ललितपुर से सागर के गांवों तक सप्लाई जांच में सामने आया कि तैयार शराब कार और बाइक से ललितपुर से सागर लाई जाती थी। इसे बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर, बरायठा समेत सीमावर्ती गांवों में खपाया जाता था। पुलिस अब सप्लाई के रास्ते, नेटवर्क में शामिल स्थानीय लोगों और पूरे कारोबार के दायरे की जांच कर रही है। ठेकेदार और शराब दुकान के कर्मचारी की भूमिका की जांच जांच में ललितपुर निवासी आकाश राय का नाम भी सामने आया है, जो सागर के बरेठा स्थित लाइसेंसी शराब दुकान में कर्मचारी है। पुलिस यह पता कर रही है कि उसका नेटवर्क से कोई सीधा संबंध था या नहीं। ललितपुर के एक ठेकेदार पर भी शराब सप्लाई से जुड़े होने का आरोप है। जांच में शराब की सप्लाई ललितपुर से होने की बात सामने आई है, लेकिन बोतल का लेबल अलग कहानी बता रहा है। लेबल पर निर्माता कंपनी DCR Distillery Pvt. Ltd. का पता ग्राम महोर, जिला सागर दर्ज है। ललितपुर से शराब सप्लाई के सुराग एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया- शराब मामले में करीब 25 लोगों पर FIR की गई। इनमें बंडा थाने में 20 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। विनायक थाने में 5 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अब तक 7 शराब दुकान सील किए जा चुके हैं। शुरुआती जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की जानकारी सामने आई है। शराब सप्लाई से जुड़े लोगों और नेटवर्क की जांच की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप कहां से चली, किसने खरीदी, किसके जरिए बंडा क्षेत्र तक पहुंची और गांवों में इसे किन लोगों ने बेचा गया।
……………………………………….. यह खबर भी पढ़ें MP में जहरीली शराब से 2 दिन में 11 मौतें मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 3 की मौत शनिवार देर रात हुई। फिलहाल 25 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 17 सागर जिला अस्पताल, 7 बंडा सिविल अस्पताल और 1 मरीज एम्स भोपाल में भर्ती है, जिसे एयरलिफ्ट कर ले जाया गया। कई मरीजों के शरीर नीले पड़ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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