![]()
नगर निगम ने सीमेंट की जिन सड़कों पर पांच साल में 800 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, वे गारंटी पीरियड में ही टूट रही हैं। इसको लेकर न किसी की जवाबदेही तय की गई है और न ही निगम के पास इसका कोई रिकॉर्ड है। जहां-जहां सीमेंट सड़कें बन रही हैं, वहां पहले से ही सीमेंट की सड़कें थी, किसी सड़क को क्रेक आने पर तोड़ा गया तो कहीं पाइप लाइन के लिए तोड़ दिया गया। बाद में गड्ढे को मिट्टी भरकर छोड़ दिया गया और अब लोग परेशानी भुगत रहे हैं। जनकार्य विभाग में भास्कर ने सात दिन बिताए और अफसरों की पूरी वर्किंग देखी तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जनकार्य, ड्रेनेज और पेयजल विभाग के सब-इंजीनियरों के बीच समन्वय की कमी से नई बनी सीमेंट सड़कों को ही पाइपलाइन के लिए खोदा जा रहा है। सड़क बनाने से पहले यूटिलिटी की जानकारी साझा नहीं होने से गारंटी पीरियड में सड़क काटने की नौबत आती है। स्थिति यह है कि हर पार्षद को अपने-अपने वार्ड में एक-एक करोड़ की सड़क बनाने की स्वीकृति है। वही तय करते हैं कौन सी सड़क बनेगी और फिर निगम के अफसर प्रस्ताव बना देते हैं। आखिर कहां गए 800 करोड़…. उन्हीें सड़कों को तोड़ कर दोबारा बना रहा निगम स्कीम-74 : आईडीए की अच्छी-भली सड़क तोड़कर दोबारा बना दी स्कीम 74 में सेंट अर्नाल्ड स्कूल के सामने 20 फीट चौड़ी सीसी रोड आईडीए न बनाई थी। इस रोड में कभी कोई समस्या नहीं आई और क्वालिटी भी बेहतर थी। छह महीने पहले निगम ने इस रोड को तोड़कर दोबारा बना दिया। स्कीम-54 : पाइप लाइन के बाद मिट्टी डालकर छोड़ दी स्कीम 54 में सिका स्कूल के पास चौराहे पर पाइप लाइन डालने के लिए एक साल पहले बनी सीमेंट सड़क को बीच से काट कर पाइप डाला गया। चौराहे तक के हिस्से को ठीक कर दिया लेकिन आगे के हिस्से को मिट्टी डालकर छोड़ दिया। एमआईजी : सड़क सुधारे बिना ही काम पूरा हो गया एमआईजी कॉलोनी में थाने के पीछे की तरफ गार्डन के पास वाली गली में सीमेंट सड़क तोड़कर बीच में ड्रेनेज लाइन डाली गई। कायदे से बाद में भराव कर फिर सीसी से पैच बनाना था, लेकिन ठेकेदार ने मिट्टी डालकर छोड़ दिया। जेडओ और एसई पर कभी कार्रवाई नहीं
शहर के 22 जोन में जेडओ व सब-इंजीनियर की पहली जवाबदेही होती है। तीन इमली के पास सड़क बनने के एक साल के अंदर ही तोड़ी गई। शिकायत पर महापौर के साथ अफसर पहुंचे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कितनी सड़कें टूटी कोई रिकॉर्ड नहीं
सीमेंट की कितनी सड़कें डीएलपी पीरियड में तोड़ी गई, कितनी घटिया क्वालिटी के कारण टूटी इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। वीआईपी रोड पर पाइपलाइन के लिए कई जगह सड़क काटी गई। आखिर किसके कहने पर टूटती हैं सड़कें गारंटी पीरियड में सड़क तोड़ी तो ठेकेदार की जवाबदेही खत्म हो जाती है। सीमेंट सड़कें तो 10-15 साल तक खराब नहीं होती, लेकिन निगम की ही टीम उन्हें ड्रेनेज लाइन, पेयजल लाइन के नाम पर तुड़वा देती है। इससे ठेकेदार की गारंटी खत्म हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि नई सड़क बनाने वाला जनकार्य विभाग का सब-इंजीनियर न तो ड्रेनेज विभाग या पेयजल विभाग के सब-इंजीनियर से बात करता है और न इन तीनों विभागों का आपस में कोई को-ऑर्डिनेशन है।
Source link
#गरट #परयड #म #नगम #ह #तड़ #रह #सड़क.. #ठकदर #क #जममदर #खद #ह #खतम #ह #जत #ह #Indore #News


