स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दो वर्षों में इंदौर जिले के करीब 60 मरीजों को एयर एंबुलेंस के माध्यम से मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, अहमदाबाद औ …और पढ़ें

HighLights
- योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को यह सुविधा निश्शुल्क मिल रही है
- दो वर्षों में इंदौर जिले के करीब 60 मरीजों को एयर एंबुलेंस से बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया गया
- लगभग 50 प्रतिशत मरीज ऐसे थे जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत निश्शुल्क सुविधा उपलब्ध मिली
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गंभीर बीमारी या हादसे के बाद जब हर मिनट जिंदगी और मौत के बीच की दूरी तय करता है, तब एयर एंबुलेंस किसी संजीवनी से कम नहीं होती।
आमतौर पर लाखों रुपये खर्च होने के कारण यह सुविधा केवल संपन्न लोगों की पहुंच में मानी जाती थी, लेकिन मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस सेवा और आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को यह सुविधा निश्शुल्क मिल रही है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दो वर्षों में इंदौर जिले के करीब 60 मरीजों को एयर एंबुलेंस के माध्यम से मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, अहमदाबाद और अन्य सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों तक पहुंचाया गया। इनमें लगभग 50 प्रतिशत मरीज ऐसे थे जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत निश्शुल्क सुविधा उपलब्ध मिली है।
अधिकारियों के अनुसार सड़क हादसे, हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, मल्टी आर्गन फेल्योर और जटिल न्यूरो मामलों में मरीजों को तत्काल उच्च स्तरीय उपचार की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में समय सबसे बड़ी चुनौती होता है। सड़क मार्ग से 10 से 15 घंटे का सफर एयर एंबुलेंस के जरिए कुछ घंटों में पूरा हो जाता है, जिससे मरीज के बचने की संभावना बढ़ जाती है।
संस्कृति को मिला नया जीवन
सितंबर 2025 में बड़ा गणपति चौराहे पर हुए भीषण सड़क हादसे में घायल संस्कृति के सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। डाक्टरों ने तत्काल उन्नत न्यूरो और ट्रामा उपचार की जरूरत बताई। ऐसे में एयर एंबुलेंस के माध्यम से शासन ने मुंबई पहुंचाया, जहां उसे उच्च स्तरीय उपचार मिला। पिता ने बताया कि हमारे पास इतनी राशि नहीं है कि हम एयर एंबुलेंस से बच्ची को लेकर जा पाते, सरकार की योजना से ही यह संभव हो पाया है।
महाकाल मंदिर के पुजारी की पत्नी को मिला जीवनदान
उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा की पत्नी माया को अपेंडिक्स के चलते दिसंबर 2025 में बाम्बे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां 22 दिन तक भर्ती रहने के बाद भी आराम नहीं मिला। इंफेक्शन फैलने के कारण हालत गंभीर हो गई, इसके बाद उन्हें एयर एंबुलेंस की मदद से अहमदाबाद भेजा। अब वह स्वस्थ है। राजेश शर्मा ने बताया कि एयर एंबुलेंस की मदद पत्नी को समय पर उपचार मिल सका है।
गोल्डन ऑवर में इलाज मिलना जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक गंभीर न्यूरो, कार्डियक और ट्रामा मामलों में शुरुआती कुछ घंटे यानी गोल्डन आवर सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। एयर एंबुलेंस सेवा ने इसी अवधि में मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों तक पहुंचाकर जीवन रक्षा की संभावना बढ़ाई है।
50 प्रतिशत मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत निश्शुल्क सुविधा दी गई है
एयर एंबुलेंस की मदद से अब तक 60 से अधिक मरीजों को बड़े शहरों में इलाज के लिए भेजा जा चुका है। इसमें से 50 प्रतिशत मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत निश्शुल्क सुविधा दी गई है। -डॉ. अभिषेक जीनवाल, नोडल अधिकारी, मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस सेवा
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