Justice BR Gawai Slams Justice Bhuyan Statement On SIR Case

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नई दिल्ली3 घंटे पहले

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Justice BR Gawai Slams Justice Bhuyan Statement On SIR Case

रिटायर्ड जस्टिस बीआर गवई, भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) रह चुके हैं।

पूर्व CJI बीआर गवई और दिल्ली हाईकोर्ट के दो रिटायर्ड जजों ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां की टिप्पणी की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि SIR का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।

पूर्व जस्टिस गवई ने सोमवार को कहा कि किसी लंबित मामले पर सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज को सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। यह न्यायिक मर्यादा के खिलाफ है।

जस्टिस भुइयां ने रविवार को NALSAR यूनिवर्सिटी में कहा था कि लाखों भारतीय नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया मूल रूप से मनमानी है।

पहले पढ़ें जस्टिस भुइयां ने क्या कहा था…

रिटायर्ड जजों के बयान…

दिल्ली हाईकोर्ट रिटायर्ड जज जस्टिस ढींगरा

  • यह बयान सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की सीमाओं से काफी आगे है। लंबित मामले पर सार्वजनिक कार्यक्रम में ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। ऐसा बयान देने से पहले हजार बार सोचना चाहिए था।
  • जस्टिस भुइयां को पूरे तथ्य पता नहीं थे। असहमति होने पर चुनाव आयुक्त खुद बोल सकते हैं। वे देश के शीर्ष नौकरशाह हैं, वे अपनी बात खुद कह सकते हैं। उनकी ओर से किसी और के बोलने की जरूरत नहीं है।

दिल्ली हाईकोर्ट रिटायर्ड जज जस्टिस आरएस सोढ़ी

  • आपके पास वोट है या नहीं, यह कानून पर निर्भर करता है। अगर आप कानून के दायरे में आते हैं, तो आपके पास वोट है। अगर आप कानून के दायरे में नहीं आते, तो आपके पास वोट नहीं है।
  • अगर किसी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल है या वह कानूनी शर्तें पूरी नहीं करता, तो नाम हटाने के लिए कानून का पालन करना चाहिए। पात्र होने पर व्यक्ति दोबारा अपना नाम जुड़वाने की मांग कर सकता है।
  • मेरे हिसाब से इस तरह की कठोर सोच और बयान किसी मुद्दे को देखने का परिपक्व तरीका नहीं है। खासकर तब, जब आप ऐसे क्षेत्र में हों, जिसका आधार तर्क और विश्लेषण पर होना चाहिए।

जस्टिस भुइयां सार्वजनिक चर्चा में रहने वाले मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। जस्टिस भुइयां NALSAR के चांसलर रह चुके हैं। रविवार को उन्होंने कहा कि उन्हें संस्थान के छात्रों पर गर्व है।

उन्होंने छात्रों से कहा, “आपने देश और दुनिया को दिखाया है कि यूनिवर्सिटी का छात्र, खासकर कानून का छात्र, कैसा होना चाहिए। आप प्रतिभाशाली, निडर और बहादुर हैं।”

SIR और चुनाव पैनल से जुड़ी याचिकाएं लंबित

SIR प्रक्रिया से जुड़ी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इसके अलावा चुनाव पैनल से जुड़े नए कानून की वैधता पर भी सुनवाई बाकी है। इस नए कानून में मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन पैनल से CJI को बाहर रखा गया है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर की सुनवाई में उन्हें निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से तो इनकार किया, लेकिन चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कोर्ट ने कहा कि अगर फैसले बिना सहमति के लिए पाए गए, तो उन्हें वापस लिया जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर…

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