एंटीलिया केस, आरोपी इंस्पेक्टर वझे की जमानत पर रोक:हाईकोर्ट बोला- API रैंक का अफसर मर्सिडीज-बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था

एंटीलिया केस, आरोपी इंस्पेक्टर वझे की जमानत पर रोक:हाईकोर्ट बोला- API रैंक का अफसर मर्सिडीज-बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था

एंटीलिया केस, आरोपी इंस्पेक्टर वझे की जमानत पर रोक:हाईकोर्ट बोला- API रैंक का अफसर मर्सिडीज-बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था


बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व API सचिन वझे की महंगी कारों और ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर सवाल उठाए। NIA की जमानत के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर रैंक का अफसर मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था। NIA ने बताया कि वझे इन कारों से पुलिस कमिश्नर के ऑफिस और मुख्यमंत्री के बंगले तक जाते थे। कोर्ट ने इन तथ्यों को वझे पर लगे जबरन वसूली के आरोपों से जोड़कर देखा। वझे 2021 के एंटीलिया बम कांड और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के आरोपी हैं। NIA ने विशेष अदालत के 29 सितंबर के जमानत आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने वझे की जमानत पर रोक 14 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। वह फिलहाल ठाणे सेंट्रल जेल में है। ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर सवाल ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर कोर्ट ने पूछा- API की सैलरी से यह कैसे संभव?
कोर्ट ने सचिन वझे के ओबेरॉय होटल में करीब 100 दिन ठहरने पर भी सवाल उठाए। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी ने पूछा कि API रैंक के अधिकारी की सैलरी से इतने महंगे होटल में रहना कैसे संभव है। NIA की ओर से बताया गया कि API की मासिक सैलरी 90 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होती। कोर्ट ने कहा कि ये बातें वझे पर लगे जबरन वसूली के आरोपों से जुड़ी हैं। एंटीलिया के बाहर मिली थी विस्फोटक से भरी SUV 25 फरवरी 2021 को मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी SUV मिली थी। यह कार कारोबारी मनसुख हिरेन की थी। 5 मार्च को हिरेन का शव ठाणे की एक खाड़ी में मिला था। इसी मामले में वझे आरोपी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि SUV में मिले बैग और जिलेटिन स्टिक वजे ने कहां से खरीदी थीं। NIA ने कहा कि जांच में इसका पता नहीं चला है। एजेंसी के मुताबिक वझे ने जांच में सहयोग नहीं किया। NIA ने जमानत का विरोध किया NIA ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि सचिन वझे को किसी भी शर्त पर जमानत नहीं देना चाहिए। कोर्ट ने पूछा था कि वझे को कड़ी शर्तों के साथ जमानत देने में क्या नुकसान है, क्योंकि वह 5 साल से ज्यादा समय से जेल में हैं। NIA के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि वझे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और सबूत नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वझे पर पहले भी फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा था। पुलिस अधिकारी होने के बावजूद उन पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने और एक व्यक्ति की हत्या का आरोप है। NIA ने कहा कि वह मामले की सुनवाई तुरंत शुरू करने के लिए तैयार है। ट्रायल में करीब 150 गवाहों से पूछताछ होगी। हाईकोर्ट इस मामले में 14 अक्टूबर को फिर सुनवाई करेगा। 13 मार्च 2021 को गिरफ्तारी NIA ने वझे को 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़े संयुक्त मामले में हुई थी। बाद में CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच वाले भ्रष्टाचार मामले में भी वजे को आरोपी बनाया गया। इस मामले में वझे को जमानत मिली है। ———————————- ये खबर भी पढ़ें: बेटी का नाम बदलने हाईकोर्ट पहुंचा परिवार:‘लक्ष्मी’ की जगह ‘वीणा’ रखने की मांग; बोले- ज्योतिष के हिसाब से ज्यादा शुभ, कर्नाटक HC ने दी मंजूरी कर्नाटक में एक 16 साल की लड़की का नाम बदलने के लिए उसके माता-पिता हाईकोर्ट पहुंचे। परिवार ने बेटी का नाम ‘लक्ष्मी’ से बदलकर ‘वीणा’ करने की मांग की। उनका कहना था कि ज्योतिष और अंकशास्त्र के हिसाब से ‘वीणा’ नाम बच्ची के लिए ज्यादा शुभ रहेगा। पढ़ें पूरी खबर…

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