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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नगर निगम नागरिकों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। जलापूर्ति के नाम पर दौड़ रहे टैंकर निगम में अटैच करने से पहले यह तक नहीं देखा गया कि टैंकर फिट है भी या नहीं। इस बात तक की जांच नहीं की गई कि शहर की सड़कों पर दौड़ने वाले टैंकरों का वैध बीमा है या नहीं। गुरुवार को सियागंज में हुए टैंकर हादसे में निगम की यह लापरवाही फिर साबित हो गई।
नगर निगम में अटैच जिस टैंकर (एमपी 09 एचएच 7234) से हादसा हुआ, आरटीओ रिकॉर्ड के मुताबिक उसकी फिटनेस 29 जुलाई 2021 को ही समाप्त हो गई थी। सिर्फ इतना ही नहीं, इसका बीमा भी 30 मई 2017 को समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद यह टैंकर 20 हजार लीटर से ज्यादा पानी भरकर शहर की सड़कों पर बेधड़क और बेखौफ होकर दौड़ रहा था। गुरुवार को जिस वक्त हादसा हुआ, यदि यह टैंकर भीड़ वाले क्षेत्र में होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
ठेकेदार का दावा: पार्षद पति के कहने पर अटैच किया गया था भंगार टैंकर
जिस टैंकर से हादसा हुआ है, वह ठेकेदार एजेंसी जीजी इंटरप्राइजेस के जरिए निगम में अटैच है। ठेकेदार एजेंसी का कहना है कि हमारे पास टैंकर नहीं थे, लेकिन पार्षद पति अंसाफ अंसारी इस टैंकर को लेकर आए जिसके बाद इसे अटैच करना पड़ा। यह किसी इस्माइल नामक व्यक्ति का है।
गौरतलब है कि नगर निगम जलापूर्ति के नाम पर शहर में 700 से ज्यादा टैंकर दौड़ा रहा है। इनमें से ज्यादातर भंगार हालत में हैं। इन टैंकरों से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। आरटीओ भी कभी अभियान चलाकर निगम में अटैच टैंकरों के दस्तावेजों की जांच नहीं करता है। निगम में अटैच और शहर में दौड़ रहे ज्यादातर टैंकरों पर नंबर प्लेट तक नहीं है। कुछ टैंकरों पर टंकी पर नंबर नजर आ जाते हैं, तो ज्यादातर पर यह भी गायब हैं। हादसा हो जाए तो टैंकर का पता लगाना मुश्किल है।
आरटीओ की साइट बता रही सच्चाई
आरटीओ की साइट के मुताबिक, टैंकर एमपी 09 एचएच 7234 की फिटनेस 29 जुलाई 2021 को समाप्त हो चुकी है। इस टैंकर का बीमा भी 30 मई 2017 को समाप्त हो चुका है। अंतिम बार ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी ने इसका बीमा किया था।
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दस्तावेज देखने के बाद ही टैंकर अटैच किए हैं। हो सकता है आरटीओ की साइट अपडेट न हुई हो। यह टैंकर जीजी इंटरप्राइजेस के माध्यम से अटैच हुआ है। – मनीष पांडे, प्रभारी, नगर निगम वर्कशॉप
यह टैंकर हमारा नहीं है। किसी इस्माइल नामक व्यक्ति का है। बीमा और फिटनेस के कागज भी उन्हीं के पास होंगे। पार्षद पति के कहने पर इसे अटैच किया था। – मनदीप टूटेजा, जीजी इंटरप्राइजेस
पार्षद सिर्फ वार्ड के लिए टैंकर की डिमांड करता है। टैंकर के दस्तावेज जांचने की जिम्मेदारी निगम की है। हमने सिर्फ टैंकर की डिमांड की थी। – अंसाफ अंसारी, पार्षद पति, वार्ड 60
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