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हरदा में रबी सीजन की सिंचाई के लिए किसान 20 अक्टूबर से तवा डैम का पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नहरों की सफाई अब तक पूरी नहीं हुई है। नहरों में कीचड़, गाद, झाड़ियां और कचरा जमा होने से किसानों को खेतों तक पानी पहुंचने में परेशानी की आशंका है। खासकर टेल क्षेत्र के किसानों को समय पर पानी नहीं मिलने की चिंता है। जल संसाधन विभाग का कहना है कि डैम से पानी छोड़ने से पहले सभी शाखाओं की सफाई पूरी करा ली जाएगी। इस साल हरदा और टिमरनी संभाग में कुल 1 लाख 4 हजार 843 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। नहरों में कीचड़, झाड़ियां और कचरा जमा
नहरों की मौजूदा स्थिति को लेकर किसानों की चिंता बढ़ रही है। कई जगह नहरों में कीचड़, गाद, झाड़ियां और अन्य कचरा जमा है। पुलियों के नीचे शराब की बोतलें, कपड़े और दूसरे अपशिष्ट पदार्थ भी फंसे हुए हैं। किसानों का कहना है कि सफाई के बिना पानी छोड़ा गया तो खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचने में परेशानी होगी। टेल क्षेत्र के किसानों को पानी नहीं मिलने की आशंका
किसान शुभम सुरमा ने कहा कि यदि समय पर नहरों की सफाई नहीं हुई तो टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा। उन्होंने विभाग से पानी छोड़ने से पहले सफाई का काम पूरा कराने की मांग की है। माइनर नहरों की सफाई किए बिना पानी छोड़ने पर नहरें फूटने का खतरा भी रहता है। इससे पानी खेतों में भर सकता है और किसानों को नुकसान हो सकता है। विभाग का दावा- पानी छोड़ने से पहले पूरी होगी सफाई
जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री सोनम बाजपेई ने बताया कि नहरों की सफाई का काम चल रहा है। डैम से पानी छोड़े जाने से पहले सभी शाखाओं की सफाई पूरी कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी मिल सके। उन्होंने बताया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। दोनों संभागों में 1.04 लाख हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य
विभाग ने इस साल जिले में कुल 1 लाख 4 हजार 843 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें हरदा संभाग के लिए 52 हजार 302 हेक्टेयर और टिमरनी संभाग के लिए 52 हजार 541 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। कार्यपालन यंत्री के मुताबिक, 15 अक्टूबर को होने वाली जल उपयोगिता समिति की बैठक में जिले के किसानों की मांग संभाग स्तर पर भेजी जाएगी। इसके बाद तय होगा कि तवा डैम से किस तारीख को पानी छोड़ा जाएगा। पहले जल उपयोगिता संस्थाएं कराती थीं सफाई
पहले नहरों की सफाई का काम जल उपयोगिता संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता था। अब यह जिम्मेदारी जल संसाधन विभाग स्वयं संभाल रहा है। ऐसे में किसान चाहते हैं कि सिंचाई का पानी छोड़ने से पहले सफाई पूरी हो, ताकि नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके।
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