25 जनवरी से शुरू होगी जनगणना, 10 जनवरी से मिलेगी ऑनलाइन सेल्फ-एंट्री की सुविधा, पांच दिन होगी सुधार प्रोसेस

25 जनवरी से शुरू होगी जनगणना, 10 जनवरी से मिलेगी ऑनलाइन सेल्फ-एंट्री की सुविधा, पांच दिन होगी सुधार प्रोसेस

अगले साल होने वाली जनगणना के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। संभावित कार्यक्रम के अनुसार 25 जनवरी से 28 फरवरी तक 35 दिन में आबादी की गणना की जाएगी। इससे …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 09:22:12 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 09:22:12 PM (IST)

25 जनवरी से शुरू होगी जनगणना, 10 जनवरी से मिलेगी ऑनलाइन सेल्फ-एंट्री की सुविधा, पांच दिन होगी सुधार प्रोसेस
25 जनवरी से शुरू होगी जनगणना, 10 जनवरी से मिलेगी ऑनलाइन सेल्फ-एंट्री की सुविधा (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. जनवरी से जनगणना की तैयारी, 35 दिन में पूरी होगी आबादी की गणना
  2. जनगणना से पहले मिलेगी स्वयं गणना की सुविधा, पांच दिन होगा सुधार प्रक्रिया
  3. जनगणना की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू होगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आगामी वर्ष होने वाली जनगणना के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। संभावित कार्यक्रम के अनुसार 25 जनवरी से 28 फरवरी तक 35 दिन में आबादी की गणना की जाएगी। इससे पहले 10 से 24 जनवरी तक आमजन को आनलाइन स्वयं गणना की सुविधा मिलेगी। हालांकि जनगणना की तारीखों को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी होना बाकी है, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। गणना पूरी होने के बाद एक से पांच मार्च तक सुधार अभियान चलाया जाएगा।

जनगणना में स्वयं गणना की सुविधा आमजन के लिए उपलब्ध होगी। जनगणना के पहले 15 दिनों में लोग मोबाइल के माध्यम से आनलाइन अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। आनलाइन प्रक्रिया पूरी होने पर एक नंबर जनरेट होगा। बाद में जब प्रगणक घर पहुंचेंगे, तो परिवार को यह नंबर बताना होगा। प्रगणक जानकारी का सत्यापन कर गणना की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इससे परिवारों की जानकारी दर्ज करने और सत्यापन का काम व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

28 फरवरी की रात 12 बजे तक दर्ज होगी आबादी

जनगणना में 28 फरवरी की रात 12 बजे जनगणना की गणना अवधि समाप्त होगी। इसके बाद एक से पांच मार्च तक रिविजन ड्राइव चलाई जाएगी। इस दौरान गणना अवधि में जन्म लेने वाले बच्चों और मृत व्यक्तियों से संबंधित जानकारी में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। एक मार्च को जन्म लेने वाले या मृत्यु होने वालों को आगामी जनगणना में शामिल किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य गणना से जुड़े आंकड़ों को दुरुस्त करना है।

800 लोगों पर एक प्रगणक

अधिकारियों का प्रशिक्षण का कार्य गुरुवार को पूरा हो जाएगा, इसके बाद वह गणना ब्लाको की सूची तैयार करने के साथ प्रगणकों की नियुक्ति और उनकी आईडी जनरेट करने का काम करेंगे। प्रत्येक प्रगणक को लगभग 800 लोगों की गणना की जिम्मेदारी दी जाएगी। ऐसे में जहां आबादी अधिक होगी, वहां एक ब्लाक को दो या तीन सब-ब्लॉक में विभाजित किया जाएगा। इसकी मैपिंग ऑनलाइन करना होगी।

मास्टर ट्रेनर और प्रगणक का होगा प्रशिक्षण

जनगणना की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू होगा। 17 से 20 अक्टूबर तक मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण होगा। ये ट्रेनर आगे प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गणना ब्लाकों की सूची तैयार करने, कर्मचारियों की नियुक्ति और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को गति दी जाएगी।

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