बोरगांव चौकी का ASI लाइन अटैच, कांस्टेबल से पूछताछ:  शराब ठेकेदार के इशारे पर आदिवासी परिवार के घर दबिश और मारपीट का आरोप – Khandwa News

बोरगांव चौकी का ASI लाइन अटैच, कांस्टेबल से पूछताछ: शराब ठेकेदार के इशारे पर आदिवासी परिवार के घर दबिश और मारपीट का आरोप – Khandwa News

बोरगांव चौकी का ASI लाइन अटैच, कांस्टेबल से पूछताछ:  शराब ठेकेदार के इशारे पर आदिवासी परिवार के घर दबिश और मारपीट का आरोप – Khandwa News

लाइन अटैच किए गए एएसआई वीरेंद्र बिसेन।

खंडवा जिले के कुमठी गांव में एक आदिवासी परिवार के घर कथित तौर पर शराब कारोबारियों के लोगों के साथ पुलिसकर्मी द्वारा दबिश देने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में बोरगांव चौकी के ASI वीरेंद्र बिसेन को लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि मौके पर पहुं

.

इस मामले में आदिवासी परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने पुलिस संरक्षण में उनके घर दबिश दी थी। वहीं पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला

कुमठी गांव निवासी भागीरथ उर्फ कालू पिता जगन का परिवार गांव में किराना दुकान संचालित करता है। आरोप है कि, सोमवार देर रात को कुछ लोग उनके घर पहुंचे और दबिश देने लगे। परिवार ने उन्हें संदिग्ध मानते हुए शोर मचाया। इसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और घेराबंदी कर दी।

ग्रामीणों के अनुसार, अधिकांश लोग मौके से भाग निकले, लेकिन एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया। बाद में उसकी पहचान बोरगांव चौकी में पदस्थ सिपाही गौरीशंकर दीक्षित के रूप में हुई। ग्रामीणों ने घेरकर कांस्टेबल के साथ मारपीट भी की थी। घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू हुई।

परिवार का आरोप: शराब कारोबारियों के इशारे पर हुई कार्रवाई

भागीरथ के परिजनों और आदिवासी समाज के लोगों का आरोप है कि, कार्रवाई क्षेत्र के शराब कारोबारियों से जुड़े लोगों के कहने पर की गई थी। एएसआई वीरेंद्र बिसेन के बेटे गौरव बिसेन का शराब कारोबार से संबंध है और उसी के प्रभाव में दबिश की कार्रवाई कराई गई।

परिजनों का आरोप है कि, घटना में शामिल कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, जबकि परिवार के सदस्यों पर प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। उनका यह भी कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दबिश में शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने लाई जानी चाहिए।

अब तक जांच में क्या आया सामने

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि एएसआई वीरेंद्र बिसेन को कथित रूप से सूचना मिली थी कि कुमठी क्षेत्र में अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं। इसके बाद उन्होंने एक सिपाही को मौके पर जाकर जानकारी लेने के लिए कहा था।

हालांकि आरोप है कि, इस कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई थी। घटना के बाद जब विवाद बढ़ा और सिपाही के साथ मारपीट हुई, तब पूरा मामला सामने आया। इसी आधार पर एएसआई बिसेन की भूमिका सवालों के घेरे में आई और उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया।

एएसआई ने कहा- सूचना पर सिपाही को भेजा था

एएसआई वीरेंद्र बिसेन ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि क्षेत्र में शराब की भट्टी संचालित हो रही है। इसी आधार पर उन्होंने वहां से गुजर रहे सिपाही को मौके पर जाकर स्थिति देखने के लिए कहा था। बिसेन का कहना है कि, उनका शराब कारोबारियों या दबिश देने पहुंचे लोगों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि सिपाही सिविल ड्रेस में मौके पर पहुंचा था।

बेटे गौरव ने भी आरोपों से किया इनकार

गौरव बिसेन ने कहा कि वीरेंद्र बिसेन उनके पिता हैं, लेकिन उनका शराब कारोबार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि वह एक रेस्टोरेंट का संचालन करते हैं और परिवार द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। गौरव ने कहा कि दबिश देने गए लोगों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

एसपी बोले- सभी पहलुओं की होगी जांच

पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि एएसआई वीरेंद्र बिसेन के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसी के आधार पर उन्हें लाइन अटैच किया गया है। उन्होंने कहा कि एएसआई, उनके बेटे और संबंधित सिपाही की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Source link
#बरगव #चक #क #ASI #लइन #अटच #कसटबल #स #पछतछ #शरब #ठकदर #क #इशर #पर #आदवस #परवर #क #घर #दबश #और #मरपट #क #आरप #Khandwa #News

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *