डेंटिस्ट्स के लिए नया नियम:पंजीकरण नंबर से क्लिनिक के पते तक लिखना जरूरी; दवा कंपनियों के पैड पर रोक की सलाह – Ndc New Guidelines For Dentists: 9 Details Mandatory On Prescriptions

डेंटिस्ट्स के लिए नया नियम:पंजीकरण नंबर से क्लिनिक के पते तक लिखना जरूरी; दवा कंपनियों के पैड पर रोक की सलाह – Ndc New Guidelines For Dentists: 9 Details Mandatory On Prescriptions

डेंटिस्ट्स के लिए नया नियम:पंजीकरण नंबर से क्लिनिक के पते तक लिखना जरूरी; दवा कंपनियों के पैड पर रोक की सलाह – Ndc New Guidelines For Dentists: 9 Details Mandatory On Prescriptions

डॉक्टर की पर्ची
– फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

दांतों का इलाज कराने वाले मरीजों को अब डॉक्टर की पर्ची पर कई अहम जानकारियां मिलेंगी। राष्ट्रीय दंत आयोग (एनडीसी) ने देशभर में प्रैक्टिस कर रहे डेंटिस्ट्स को निर्देश दिया है कि वे कागज पर लिखे जाने वाले और डिजिटल, दोनों तरह के पर्चों पर नौ जरूरी जानकारियां सुनिश्चित करें।


इनमें डॉक्टर का नाम, राज्य दंत परिषद में सक्रिय पंजीकरण नंबर, मान्यता प्राप्त डिग्री, क्लिनिक का पूरा पता, आपात स्थिति में संपर्क के लिए फोन नंबर और मरीज की पहचान से जुड़ी जानकारी शामिल है। आयोग के एथिक्स एंड डेंटल रजिस्ट्रेशन बोर्ड ने एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य पर्चे लिखने की प्रक्रिया को एक जैसा बनाना, इलाज से जुड़े रिकॉर्ड को बेहतर करना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आयोग ने दंत चिकित्सकों से अपने पर्चे, लेटरहेड और डिजिटल पर्चे के प्रारूप को इन जरूरतों के मुताबिक अपडेट करने को कहा है।

पर्चे पर ये जानकारियां होना आवश्यक


  1. दंत चिकित्सक का नाम: नाम  वही होना चाहिए, जो संबंधित राज्य दंत परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज है।

  2. सक्रिय पंजीकरण नंबर: राज्य दंत परिषद की ओर से दिया गया वैध रजिस्ट्रेशन नंबर लिखना होगा।

  3. मान्यता प्राप्त डिग्री: राष्ट्रीय दंत आयोग या पूर्ववर्ती दंत परिषद से मान्यता प्राप्त दंत चिकित्सा की डिग्री और लागू होने पर विशेषज्ञता का उल्लेख करना होगा।

  4. क्लिनिक का पूरा पता: इलाज करने वाले डॉक्टर के क्लिनिक या कार्यस्थल का पूरा डाक पता और पिन कोड देना होगा।

  5. आपातकालीन संपर्क नंबर: ऐसा फोन नंबर होना चाहिए, जिस पर जरूरत पड़ने पर संपर्क किया जा सके।

  6. मरीज की जानकारी: मरीज का नाम, उम्र और लिंग दर्ज करना होगा।

  7. पर्चे की तारीख: हर बार मरीज के आने पर पर्चे पर तारीख लिखनी होगी।

  8. डॉक्टर के हस्ताक्षर: पर्चे पर डॉक्टर के हाथ से किए गए हस्ताक्षर या कानूनी रूप से मान्य डिजिटल हस्ताक्षर होने चाहिए।

  9. डॉक्टर की मुहर: पर्चे पर डॉक्टर का नाम, मान्यता प्राप्त डिग्री और वैध पंजीकरण नंबर पहले से छपे नहीं हैं, तो इन तीनों जानकारियों वाली साफ और पढ़ने योग्य मुहर लगानी होगी।

दवा कंपनियों के पर्चों का इस्तेमाल न करने की सलाह : आयोग ने डेंटिस्ट्स को यह भी सलाह दी है कि वे दवा कंपनियों की ओर से दिए गए, छपवाए गए या प्रायोजित पर्चों का इस्तेमाल न करें। पर्चे केवल ऐसे पैड या लेटरहेड पर जारी किए जाएं, जो आयोग की ओर से बताई गई जरूरतों को पूरा करते हों।

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